नगीनों में टिड्डियों का हमला, पेड़ों और फसलों को नुकसान
नगीना। करीब तीन सप्ताह पूर्व जिले के तावडू, पुन्हाना और नूंह क्षेत्र में पहुंचने वाले टिड्डी दल ने शनिवार की रात नगीना के अरावली से सटे नांगल, सांठावाड़ी और फकरपुर खोरी गांवों में हमला कर दिया। सूचना मिलते ही कृषि अधिकारियों ने रात में ही गांवों में डेरा डाल लिया और दमकल की छह गाड़ियों से छिड़काव शुरू कर दिया। हालांकि कुछ खेतों में फसलों और पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचा, लेकिन 12 घंटे की मशक्कत के बाद सुबह तक बड़ी संख्या में टिड्डियों को मारने और दल को भगाने में सफलता मिली।
जानकारी के मुताबिक भरतपुर राजस्थान से फिरोजपुर झिरका की सीमा में टिड्डियों के दल ने रात करीब 8 बजे प्रवेश किया। करीब 9 बजे नगीना के गांव नांगल मुबारिकपुर, सांठावाड़ी और फकरपुर खोरी पहुंचा और अरावली पहाड़ियों के पेड़-पौधों और किसानों के खेतों में हमला बोल दिया। इधर जैसे ही कृषि विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना मिली, वे मौके पर दमकल की छह गाड़ियां लेकर पहुंच गए। नूंह उपमंडल कृषि अधिकारी डॉ. अजीत सिंह, फिरोजपुर झिरका कृषि उपमंडल अधिकारी डॉ. अजय तोमर की टीम जिला कृषि अधिकारी के नेतृत्व में रात करीब 11 बजे से कीटनाशक का छिड़काव शुरू कर दिया। पूरी रात छिड़काव के बाद सुबह भी काम चलता रहा। सुबह करीब आठ बजे तक लगभग 40 फीसदी टिड्डियों को मारने और दल को भागने में कामयाबी मिली। टिड्डी दल नगीना क्षेत्र से तिजारा अलवर की ओर कूच कर गया।
वर्जन-
टिड्डी दल के अचानक हुए हमला में फसल को कम पेड़-पौधों को अधिक नुकसान हुआ है। भरतपुर से आए टिड्डी दल को तिजारा की सीमा में भगा दिया गया है। इस अभियान को सफल बनाने में दमकल प्रशासन, कृषि विभाग और स्थानीय अधिकारियों का पूरा सहयोग मिला। - महावीर सिंह, कृषि उपनिदेशक