ग्रेटर नोएडा का बुध्दा इंटरनेशनल सर्किट
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दस साल बाद बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट (बीआईसी) पर रफ्तार का रोमांच फिर दिखेगा। इस बार ट्रैक पर फॉर्मूला वन कार नहीं बल्कि स्पोर्ट्स बाइक की तेजी नजर आएगी। बीआईसी के ट्रैक पर 22 से 24 सितंबर तक ‘ग्रां प्री ऑफ भारत’ मोटो रेस का आयोजन होगा। फेयर स्ट्रीट स्पोर्ट्स के प्रतिनिधियों ने प्राधिकरण के अधिकारियों से मिलकर स्पष्ट किया है कि आयोजन पर होने वाला खर्च कंपनी वहन करेंगी।
कंपनी प्रतिनिधियों ने कहा कि प्राधिकरण और जेपी एसोसिएटस से मिलकर सात साल के लिए करार करने की योजना पर बात चल रही है। आयोजन पर कुल 500 करोड़ रुपये खर्च होने और कई गुना कमाई का अनुमान है। बीआईसी ट्रैक पर आखिरी बार वर्ष 2013 में फॉर्मूला वन कारों की रेस हुई थी। दरअसल, ग्रेनो स्थित फार्मूला-वन ट्रैक पर मोटो जीपी रेस का आयोजन होना है। जिस प्लॉट का ट्रैक बना हुआ है उसका आवंटन प्राधिकरण ने बकाये के कारण रद्द कर दिया है। मामला एनसीएलटी में विचाराधीन है।
इसे लेकर यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने आयोजक कंपनी फेयर स्ट्रीट स्पोर्ट्स को पत्र भेजा था। इसके बाद कंपनी के सीओओ पुष्करनाथ श्रीवास्तव ने प्राधिकरण अधिकारियों से वार्ता की थी। बातचीत में स्पष्ट हुआ कि कंपनी ट्रैक को बाइक रेस के लिए तैयार करेगी। इस पर 55 करोड़से अधिक की राशि खर्च होगी। अधिकारियों ने बताया कि कंपनी सात साल तक खेल आयोजन कराना चाहती है। कंपनी का दावा है कि लगातार आयोजन से प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर अच्छा असर पड़ेगा।
तीसरी सबसे बड़ी खेल प्रतियोगिता
दुनिया में सबसे ज्यादा देखे जाने वाली खेल प्रतियोगिताओं में पहला स्थान ओलंपिक और दूसरा स्थान फीफा वर्ल्ड कप फुटबॉल का है। जबकि तीसरा स्थान मोटो जीपी का है। इसके प्रशंसकों की संख्या करोड़ों में हैं। भारत दोपहिया वाहनों का सबसे बड़ा उत्पादक और बड़ा उपभोक्ता भी हैं। ऐसे में देश में पहली बार मोटो जीपी रेस का आयोजन होगा। एक सप्ताह जारी रहने वाले मोटो जीपी इवेंट के पहले चार दिन तैयारी की जाती है जिसके बाद तीन दिन रेस होती है। 22, 23 और 24 सितंबर को फॉर्मूला वन ट्रैक पर रेस के आयोजन के साथ ही करीब 10 साल बाद वैश्विक मोटर स्पोर्ट में भारत की वापसी होगी।