जनहानि नहीं, निवासियों ने फायर सिस्टम पर उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। सेक्टर-46 स्थित गार्डेनिया ग्लोरी सोसाइटी के बेसमेंट में सोमवार देर रात सीएनजी कार में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग की लपटों ने पास में खड़ी दो अन्य कारों को भी चपेट में ले लिया। आग लगने के बाद बेसमेंट में धुआं भर गया। इसके बाद घबराए लोगों ने अपनी गाड़ियों को बाहर निकालना शुरू कर दिया। गनीमत रही कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। आग लगने के कारण का पता लगाया जा रहा है।
निवासियों का आरोप है कि सोसाइटी का हैंडओवर (एओए) को हुए करीब 12 साल हो चुके हैं, लेकिन आज तक फायर सेफ्टी सिस्टम पूरी तरह दुरुस्त नहीं किया गया। उनका कहना है कि आग लगने के दौरान बेसमेंट में लगे कई अग्निशमन उपकरण प्रभावी ढंग से काम नहीं कर सके। लोगों का यह भी आरोप है कि दमकल विभाग के पहुंचने में देरी हुई, जिससे आग का दायरा बढ़ गया। निवासियों का कहना है कि एओए का भी इसमें विवाद चल रहा है। उन्होंने कहा कि पुरानी एओए नई को हेंडओवर नहीं दे रही है, बिल्डर सोसाइटी को बनाकर भाग गया है तो सुनवाई कौन करेगा। गार्डेनिया ग्लोरी में करीब 1400 फ्लैट हैं, जिनमें बड़ी संख्या में परिवार रहते हैं। घटना के बाद निवासियों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे के अनुसार, 27 जुलाई की रात बेसमेंट में धुआं भरने की सूचना मिलते ही फायर यूनिट तत्काल मौके के लिए रवाना की गई। दमकल कर्मियों ने बीए सेट पहनकर बेसमेंट में प्रवेश किया, जहां एक सीएनजी कार में आग लगी हुई थी। आग की चपेट में पास में खड़ी दो अन्य कारों के कुछ हिस्से भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।
सोसाइटी को समिति के हैंडओवर हुए करीब 12 साल हो चुके हैं, लेकिन आज तक फायर सिस्टम पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो पाया है। अब पूरे फायर सिस्टम का तकनीकी ऑडिट कराकर कमियों को तत्काल दूर किया जाना चाहिए। -पुनीत धनकड़
रात में बेसमेंट में धुआं फैलने से लोग अपने परिवारों के साथ बाहर निकल आए। बच्चों और बुजुर्गों में काफी डर का माहौल था। इतनी बड़ी सोसाइटी में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। भगवान भरोसे ही इंतजाम हैं। - प्रभा गुप्ता
यह घटना प्रशासन और सोसाइटी प्रबंधन के लिए चेतावनी है। बेसमेंट में कई गाड़ियां रखी रहती हैं। संबंधित विभागों को पूरे बेसमेंट और अग्निशमन व्यवस्था की विस्तृत जांच करानी चाहिए। - कमलेश ठाकुर
पुनीत धनखड़
पुनीत धनखड़