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Noida News: पीईटी में अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे तीन सॉल्वर, गिरफ्तार

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पुलिस की गिरफ्तार में सॉल्वर। 
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लखनऊ। गौतमपल्ली पुलिस और मध्य जोन की सर्विलांस टीम ने रविवार को अभ्यर्थियों के स्थान पर प्रारंभिक पात्रता परीक्षा (पीईटी) देने पहुंचे सॉल्वर गिरोह के तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने तीनों साल्वरों और एक अभ्यर्थी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की हे। इनके पास चार मोबाइल, दो जाली प्रवेश पत्र, ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी और एक जाली आधार कार्ड बरामद हुआ है।
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डीसीपी मध्य आशीष कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक गौतमपल्ली के जियामऊ स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में रविवार को प्रथम पाली की प्रारंभिक पात्रता परीक्षा (पीईटी) की परीक्षा चल रही थी। सुबह 11:30 बजे कॉलेज से स्टेटिक मजिस्ट्रेट विनोद कुमार वर्मा के सूचना मिली कि परीक्षा में बैठे सुमित यादव की आईरिस स्कैनिंग में मैच नहीं हो रही है। इस पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट स्कैनिंग और बायोमेट्रिक टीम के साथ कक्ष में पहुंचे। बायोमेट्रिक टीम की सदस्य सुभाषिनी वर्मा ने सुमित के चेहरे और आईरिस स्कैन की तो आधार कार्ड और क्यूआर कोड का विवरण भिन्न निकला था। स्टेटिक मजिस्ट्रेट ने गौतमपल्ली पुलिस को इसकी जानकारी दी थी। पुलिस ने जब सुमित से पूछताछ की तो उसने अपना वास्तविक नाम बिहार के शेखपुरा कसार निवासी रवीश कुमार बताया। उसने बताया कि वह सुमित के स्थान पर परीक्षा देने आया था। रवीश के पास से बरामद सुमित के आधार कार्ड पर उसकी फोटो लगी थी।


सॉल्वर बिठाने के 50 हजार रुपये लेता था सरगना
पुलिस ने और पूछताछ की तो रवीश ने बताया कि उसके साथ गिरोह का सरगना मऊ के घोसी का रहने वाला अमित गुप्ता और सदस्य बिहार के जमुई का विकास कुमार भी पीईटी की परीक्षा देने आया है। डीसीपी ने बताया कि जानकारी मिलने पर आनन-फानन पुलिस की तीन टीमें गठित की गईं। पुलिस ने दूसरे केंद्र से परीक्षा देते हुए विकास को पकड़ लिया। जबकि अमित को बाहर से गिरफ्तार किया गया। अमित ने बताया कि वह प्रति अभ्यर्थी 50 हजार रुपये लेता था।
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आरोपियों के मोबाइल में मिला बड़ी रकम का ट्रांजेक्शन
डीसीपी ने कहा कि 50 हजार में से 25 हजार रुपये लेकर विकास और रवीश सॉल्वर बैठाते थे या तो खुद परीक्षा देते थे। आरोपियों के पास मिले मोबाइल में भारी रकम के ट्रांजेक्शन के साक्ष्य भी मिले हैं। डीसीपी के मुताबिक गौतमपल्ली पुलिस सुमित, रवीश, विकास और अमित पर केस दर्ज कर गिरोह के अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।
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