नोएडा। जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं एक बार फिर वेंटिलेटर पर नजर आ रही हैं। अस्पताल परिसर में लाखों की लागत से स्थापित ऑक्सीजन प्लांट कई दिनों से तकनीकी खराबी के कारण पूरी तरह बंद हैं। चार ऑक्सीजन प्लांट तीन बंद होने से मरीजों की सांसों पर संकट मंडरा रहा है। वैकल्पिक सिलिंडर के भरोसे आईसीयू और इमरजेंसी में मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, जिला अस्पताल में कोरोना काल में चार ऑक्सीजन प्लांट सीएसआर के तहत लगाए गए थे। तीन प्लांट में आई किसी तकनीकी गड़बड़ी के कारण ऑक्सीजन की सप्लाई पूरी तरह ठप है। फिलहाल आपातकालीन वॉर्ड, आईसीयू और नवजात शिशु वॉर्ड (एसएनसीयू) में बैकअप के तौर पर रखे ऑक्सीजन सिलिंडरों से काम चलाया जा रहा है। सिलिंडरों को बार-बार रीफिल कराने और बदलने में हो रही देरी मरीजों की जान पर भारी पड़ सकती है।
रोजाना 8-10 मरीज होते हैं भर्ती
जिला अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 3000 से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं और इमरजेंसी में गंभीर मरीजों का इलाज किया जाता है। इसमें से रोजाना 8-10 मरीज भर्ती होते हैं। ऐसे में ऑक्सीजन प्लांट सही होने से मरीजों को सिलिंडर से ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं करनी होती है। बताया गया कि एक ऑक्सीजन प्लांट पहले से खराब था और दो प्लांट हाल ही में खराब हुए हैं।
-
वर्जन
अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट खराब हैं लेकिन ऑक्सीजन की सप्लाई सिलिंडर के माध्यम से की जा रही है। इससे मरीजों के इलाज में कोई समस्या नहीं हो रही है। -डॉ. एचएम लावानिया, कार्यवाहक सीएमएस जिला अस्पताल