नोएडा। सेक्टर-49 कोतवाली पुलिस ने शनिवार और रविवार को वारदात करने वाले ठक-ठक गिरोह के तीन बदमाशों को सेक्टर-76 सब्जी मंडी के पास से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 8 लैपटॉप और करीब 15 हजार रुपये भी बरामद हुए हैं। आरोपियों की पहचान फरीदाबाद निवासी अमर कुमार, गाजियाबाद के मुरादनगर निवासी अमित और दिल्ली शाहदरा निवासी विकास शर्मा के रूप में हुई है। बदमाशों ने पुलिस को बताया कि शनिवार-रविवार को बड़ी तादाद में लोग खरीदारी करने के लिए बाजार में जाते हैं। इसलिए गिरोह वीकेंड या छुट्टी के दिनों में ज्यादा वारदात करते थे। अमर गिरोह का सरगना है। गिरोह में 13 बदमाश हैं। जिनकी तलाश की जा रही है।
एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि नोएडा सेक्टर-20, सेक्टर-49, सेक्टर-39 कोतवाली क्षेत्र में पिछले कुछ दिन से ठक-ठक गिरोह के बदमाशों कई वारदात की थी। उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस ने सादे कपड़ों में एक टीम तैनात की थी। रविवार को सेक्टर-76 सब्जीमंडी के पास एक कार आकर रुकी और उसी समय एक बाइक पर दो युवक आए। पुलिस को संदेह हुआ तो उन पर नजर रखी गई। पहले एक बदमाश ने गुलेल से कार का शीशा तोड़ा और फिर कुछ देर तक कोई हलचल नहीं की। जब कार में कोई गतिविधि नहीं हुई तो दूसरा बदमाश गया और कार खोलकर लैपटॉप का बैग उठाकर भागने लगा। उसी समय पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया। जबकि एक टीम ने बाइक सवार को हिरासत में ले लिया।
एडीसीपी ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने एक अन्य साथी का नाम बताया। पुलिस ने आरोपियों से उसे फोन कराकर घटनास्थल पर बुलाया और कहा कि लैपटॉप खरीदने वाली पार्टी मिली है। वह 7 लैपटॉप लेकर आया था और उसका साथी बाइक पर ही था। मौका पाकर बदमाश का दूसरा साथी दीपक फरार हो गया।
15 हजार में बेचते थे एप्पल के लैपटॉप
बदमाश एप्पल के लेपटॉप को 15 हजार और अन्य कंपनियों के लैपटॉप को 5 से 10 हजार में बेच देते थे। पकड़े गए आरोपियों में एक लैपटॉप खरीदार भी शामिल है। लैपॅटाप खरीदने वाले बदमाश उनके पार्ट्स निकालकर अलग-अलग बेचते थे। पूछताछ में पता चला कि गिरोह में 13 बदमाश हैं। जो दिल्ली-नोएडा और गाजियाबाद में वारदात करते थे।
बदमाशों ने चार जोन में बांट रखा था नोएडा
एडीसीपी ने बताया कि ठक-ठक गिरोह के बदमाशों ने नोएडा को चार जोन में बांट लिया था। एक जोन में सेक्टर-49 तो दूसरे जोन में सेक्टर-39 कोतवाली क्षेत्र था। जबकि तीसरे जोन सेक्टर-20 व चौथे जोन में एक्सप्रेसवे कोतवाली क्षेत्र में कंपनियों के आसपास वाला क्षेत्र था। एक टीम एक दिन में एक क्षेत्र में वारदात करती थी और फिर दूसरे दिन दूसरे क्षेत्र में दूसरे बदमाश घटनाएं करने आते थे। एक गिरोह में चार बदमाश रहते थे।
दिल्ली से दो कारों में सवार होकर वारदात करने आते थे
बदमाश दिल्ली से दो कारों में सवार होकर वारदात करने आते थे। पुलिस ने बताया कि ठकठक गिरोह के बदमाश कार का शीशा तोड़ने के लिए पहले गुलेल का इस्तेमाल करते थे। फिर शुंभा (लोहे की रॉड) से कार के शीशे हटाकर कार में रखा सामान लेकर फरार हो जाते थे। बदमाश अक्सर दो वाहनों पर सवार होकर आते थे। एक वाहन पर सवार बदमाश वारदात करते थे। जबकि दूसरे वाहन सवार बदमाश चोरी किए गए बैग या लैपटॉप लेकर दिल्ली फरार हो जाते थे।