ग्रेनो में बनेंगे तीन डॉग शेल्टर होम, प्राधिकरण तलाश रहा एजेंसी
- खतरनाक हो चुके लावारिस कुत्तों को यहां दिया जाना आश्रय, मिलेगा इलाज
- नसबंदी और गोद देने जैसी प्रक्रिया भी यहां हो सकेंगीं पूरी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। करीब पांच हजार लावारिस कुत्तों को आश्रय देने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण तीन डॉग शेल्टर होम बनाएगा। इसके लिए एजेंसी की तलाश प्राधिकरण को है। पहली बार में अनुभवी एजेंसी नहीं मिलने के बाद दूसरी बार इसकी प्रक्रिया चालू है। प्राधिकरण का कहना है कि कुछ अच्छी एजेंसी आई हैं। ऐसे में उम्मीद है कि इन शेल्टर होम का संचालन शुरू कराया जा सकेगा।
अधिकारियों का कहना है कि पौवारी, जलपुरा और चूहरपुर में डॉग शेल्टर होम बनाए जाने प्रस्तावित हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अगस्त में तीन डॉग शेल्टर होम बनाने के लिए जगह फाइनल की थी। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू हुई लेकिन एजेंसी का चयन नहीं हो सका। इसकी वजह यह रही कि प्राधिकरण को अनुभवी एजेंसी इस काम के लिए नहीं मिली। टेंडर में तीन से कम एजेंसी शामिल हुईं। इसकी वजह से दोबारा से टेंडर प्रक्रिया पिछले महीने शुरू कराई गई थी। तकनीकी रूप से प्रक्रिया में बिड करने वाली एजेंसी का आकलन अब प्राधिकरण कर रहा है। इसके बाद वित्तीय बिड खोलने पर फैसला होगा।
इन शेल्टर होम में लावारिस कुत्तों को आशियाना मिलेगा। उनके इलाज और खाने-पीने का इंतजाम भी रहेगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में कोई लापरवाही नहीं रहे और कुत्तों की देखभाल ठीक से हाे, इसके लिए अनुभवी एनजीओ और पशु कल्याण से जुड़े संगठनों को ही संचालन में प्राथमिकता प्राधिकरण देना चाहता है। यह भी संभावना है कि प्राधिकरण बिड पूरी होने के बाद एक एजेंसी को एक डॉग शेल्टर होम ही संचालन के लिए दे। डॉग लवर्स यहां से कुत्तों को गोद भी ले जा पाएंगे। इसके लिए पहले जरूरी प्रशिक्षण यहां दिया जाएगा। इसके लिए एजेसी जरूरी सत्यापन के बाद कुत्तों को गोद देगी।
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सात दिन में हो जाएगा तय, कौन चलाएगा शेल्टर होम
महाप्रबंधक स्वास्थ्य जीएम आरके भारती का कहना है कि अनुभवी एजेंसी ही संचालन करे। इसके चलते चयन प्रक्रिया में देरी हो रही है। अगले सात दिन में यह स्पष्ट हो जाएगा कि किस एजेंसी का चयन होगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन प्राधिकरण सुनिश्चित कराएगा। सार्वजनिक जगह और आबादी से खतरनाक हो चुके कुत्तों को लाकर यहां रखा जाएगा। एजेंसी को सात साल के लिए संचालन सौंपा जाएगा। बेहतर संचालन पर तीन साल अतिरिक्त समय दिया जा सकता है। शेल्टर में खाना, पानी के अलावा इलाज की सुविधा भी दी जाएगी।