सिरसा। गांव संतनगर में हुए लखबीर हत्याकांड मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने शुक्रवार को तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर एक साल अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। इस मामले में रानियां थाना पुलिस ने दिसंबर 2019 को अभियोग दर्ज किया था।
चौथे आरोपी सफाक निवासी गोदवारा बिहार को न्यायालय सात मई 2025 को भगौड़ा घोषित कर चुका है। गांव थिराजवाला जिला मुक्तसर पंजाब निवासी लखबीर सिंह संतनगर के रहने वाले किसान प्यारा सिंह के खेत में पराली एकत्रित करने के लिए आए थे। उनका दोस्त गुरमेज सिंह भी यहां पर काम करता था।
चार दिसंबर 2019 को गुरमेज सिंह का खेत में मजदूरी करने वाले जिला पूर्णिया बिहार निवासी शंकर के साथ झगड़ा हो गया। इस दौरान लखबीर सिंंह ने शंकर को थप्पड़ मार दिया। इसके बाद शंकर ने अपने साथी गांव प्रखंड बिहार निवासी राधेश्याम, गोदवारा पथकैली बिहार निवासी सफाक व गोदवाला पथकैली बिहार निवासी उमेश कुमार के साथ मिलकर लखबीर सिंह को रात के समय जान से मारने की योजना बनाई।
रात को लखबीर सिंह पराली पर बिस्तर लगा कर सोया हुए थे। इसी दौरान शंकर, राधेश्याम, सफाक व उमेश कुमार ने कुल्हाड़ी व सरिये से हमला कर उसकी हत्या कर दी। हत्या करने के बाद चारों भाग गए। सुबह किसान प्यारा सिंह खेत आया तो लखबीर सिंह को खून से लथपथ हालत में जमीन पर पड़े देखा। इसके बाद उसने इसकी सूचना पुलिस को दी।
पुलिस ने मौके पर जाकर देखा तो लखबीर सिंह मृत मिला। पुलिस ने खेत मालिक प्यारा सिंह का बयान दर्ज कर चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को इस मामले का निपटारा करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश पुनीष जिंदिया ने आरोपी शंकर, राधेश्याम व उमेश कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुना दी।