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नोएडा: अब सुरक्षित होगा सफर, तीन तरह के कलर कोड से होगी ऑटो की पहचान

Sat, 27 Feb 2021 11:16 AM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
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ऑटो
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नोएडा की सड़कों पर बेलगाम दौड़ रहे ऑटो पर अंकुश लगाने की तैयारी की जा रही है। ट्रैफिक पुलिस ने सर्वे की प्रक्रिया शुरू कर ऑटो चालकों से लेकर मालिकों तक की जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है। इस सर्वे के आधार पर ऑटो के लिए कलर कोड की व्यवस्था लागू होगी। तीन तरह के कलर कोड के ऑटो शहर की सड़कों पर चलेंगे।

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ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि कलर कोड लागू होने के बाद अवैध तरीके से चल रहे ऑटो की पहचान करना आसान हो जाएगा। प्रत्येक मेट्रो स्टेशन, ऑटो स्टैंड और मुख्य चौराहों पर जाकर ट्रैफिक पुलिस डाटा एकत्र कर रही है। परिवहन विभाग से भी शहर से रजिस्टर्ड और परमिट धारकों का डाटा मांगा गया है। 

सर्वे के आधार पर पता चल सकेगा कि शहर में कितने ऑटो के परमिट हैं, कितने ऑटो चल रहे हैं। इसके अलावा नंबरों के आधार पर वैध ऑटो और उनके चालक व मालिकों की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके आधार पर ऑटो वालों को कोड नंबर जारी होंगे।
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काली सूची में जाएंगे अवैध ऑटो
ट्रैफिक इंस्पेक्टर आशुतोष सिंह ने बताया कि तीन तरह के कलर कोड तय किए जाएंगे। एक कलर मेट्रो स्टेशनों से चलने वाले ऑटो का होगा। दूसरा रिजर्व होकर चलने वाले और तीसरा कलर कोड टैंपो ऑटो का होगा। 

सर्वे के आधार पर रजिस्टर तैयार किया जा रहा है। इसके बाद परिवहन विभाग से मिले डाटा के आधार पर मिलान होगा जो ऑटो अवैध पाए जाएंगे उन्हें काली सूची में डालकर कार्रवाई होगी।

वर्दी और आईकार्ड अनिवार्य
दिल्ली की तर्ज पर ऑटो चालक को वर्दी पहननी होगी। चालकों को आईकार्ड भी जारी किए जाएंगे, जिन पर चालक का नाम, मालिक का नाम, मोबाइल नंबर लिखा होगा। बिना वर्दी और आईकार्ड पहने ऑटो चलाने वालों के चालान काटे जाएंगे। 

ऐसा होने से अवैध तरीके से ऑटो चलाने वालों की पहचान करना आसान होगा। ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड सहित अन्य जानकारियों के आधार पर ही आईकार्ड जारी किए जाएंगे।
 

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हेल्पलाइन पर होगी शिकायत
ऑटो चालक सवारी से दुर्व्यवहार करता है या रात में महिला यात्री सफर के दौरान खुद को असुरक्षित समझेंगी तो इसकी शिकायत हेल्पलाइन पर की जा सकेगी। ऑटो में हेल्पलाइन नंबर व ऑटो चालक से लेकर मालिक तक की पूरी जानकारी दर्शायी जाएगी। अलग से हेल्प डेस्क बनेगी।

शहर में ऑटोवालों को व्यवस्थित करने के लिए योजना तैयार की जा रही है। सर्वे कराया जा रहा है। जल्द ही नई व्यवस्था को लागू किया जाएगा। इसे कारगर बनाने के दिशा-निर्देश ट्रैफिक इंस्पेक्टरों को दिए गए हैं।
-गणेश प्रसाद साहा, डीसीपी ट्रैफिक
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