इसलिए समझी जा रही जरूरत
नोएडा से ग्रेनो वेस्ट के बीच करीब सवा लाख वाहनों की आवाजाही आसान बनाने के लिए फ्लाईओवर बनाया जा रहा है, लेकिन एफएनजी मार्ग का काम पूरा होने के बाद गाजियाबाद से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे व डीएससी रोड के बीच वाहनों का दबाव करीब एक लाख तक बढ़ जाएगा। ऐसे में पर्थला गोल चक्कर पर फिर जाम बड़ी समस्या न बन जाए, इसको ध्यान में रख अंडरपास बनाने की योजना बनाई जा रही है।
9 माह पहले तैयार करने का लक्ष्य
पर्थला गोल चक्कर पर बन रहे ब्रिज को तैयार करने की डेडलाइन 23 जून 2022 तय है, लेकिन तय समय से 9 माह पहले अक्तूबर 2021 में इसे पूरा करने का दावा किया जा रहा है। बीच के हिस्से में यानी गोल चक्कर के ऊपर केबल सस्पेंशन का काम अक्तूबर तक पूरा करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
देखने वाला होगा नजारा
पर्थला चौराहे का नजारा आने वाले दिनों में आकर्षण का केंद्र होगा। गोल चक्कर के ऊपर केबल सस्पेंशन ब्रिज, बीच में गोल चक्कर और इसके नीचे अंडरपास से वाहन सिग्नल फ्री फर्राटा भरते दिखेंगे। ब्रिज के समानांतर ही ग्रेटर नोएडा वेस्ट को जोड़ने वाली प्रस्तावित मेट्रो लाइन आकर्षण और ज्यादा बढ़ा देगी।