फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: किसी खेल में देश का प्रतिनिधित्व करने वालों को नहीं देना होगा ट्रॉयल

विज्ञापन
विज्ञापन
-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके छात्रों को आईपीयू में दाखिले में मिलेगी प्रमुखता
विज्ञापन


-इससे कम स्तर की खेल स्पर्धा में भाग लेने वाले आवेदकों को देना होगा ट्रायल

-20 जून तक आवेदन का अवसर मिलेगा विवि में स्पोर्ट्स कोटे का लाभ लेने को

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (आईपीयू) में दाखिले के लिए पहली बार लागू किए गए स्पोर्ट्स कोटे के तहत किसी खेल में देश का प्रतिनिधित्व किया होने पर आवेदक को स्पोर्ट्स का ट्रायल नहीं देना होगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके आवेदकों को दाखिले में प्रमुखता दी जाएगी। जबकि इससे कम स्तर की खेल प्रतियोगिता में भाग लेने वाले आवेदकों को स्पोर्ट्स ट्रायल देना होगा। मालूम हो कि आईपीयू में शैक्षणिक सत्र 2024-25 से पहली बार स्पोर्ट्स कोटे से दाखिले की शुरूआत की गई है।

देश का प्रतिनिधित्व करने का दस्तावेज आवेदक को आवेदन के समय जमा कराना होगा। जिन अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में प्रतिनिधित्व किया होना जरूरी है उनमें समर ओलंपिक, वर्ल्ड चैंपियनशिप, कॉमनवेल्थ गेम्स, साउथ एशियन गेम्स, पारा ओलंपिक शामिल है। इससे कम स्तर के स्पोर्ट्स स्पर्धा में भाग लेने वाले आवेदकों को स्पोर्ट्स ट्रायल देना होगा। आईपीयू ने स्पोर्ट्स कोटा के तहत दाखिले में 25 फीसदी वेटेज प्रवेश परीक्षा, 25 फीसदी खेल से जुडे दस्तावेजों, और शेष 50 फीसदी वेटेज स्पोर्ट्स ट्रायल की रखी है।
विज्ञापन


इस कोटा की आवश्यक अर्हता पूरी करने वाले आवेदक इस सत्र से इसका फायदा ले सकते हैं। आईपीयू ने सत्र 2024-25 से अपने सभी यूनिवर्सिटी स्कूल और सेंटर में चलने वाले यूजी और पीजी प्रोग्राम में दो प्रतिशत का अतिरिक्त स्पोर्ट्स कोटा देने का प्रावधान किया है। इस सत्र के दाखिले में इस दो फीसदी अतिरिक्त कोटा का लाभ लेने के लिए 20 जून तक आवेदन किया जा सकता है। इस तिथि तक आवेदक को निर्धारित प्रपत्र में यूनिवर्सिटी के कुलसचिव के नाम से 2,500 के बैंक ड्राफ्ट के साथ सभी संबद्ध दस्तावेजों के साथ आवेदन विश्वविद्यालय सुविधा केंद्र में जमा करना आवश्यक है।
विज्ञापन


खेल संस्कृति को बढ़ावा देने को किया प्रावधान : कुलसचिव

यूनिवर्सिटी के कुलसचिव डॉ कमल पाठक ने बताया कि विश्वविद्यालय में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए यह प्रावधान किया गया है ताकि खेल के प्रतिभावान छात्र अपनी पसंद की डिग्री लेने से वंचित ना रह जाएं। उन्होंने बताया कि विभिन्न प्रोग्राम के लिए निर्धारित यह दो फीसदी सीटें दाखिला ब्रोशर में अधिसूचित सीटों के अलावा होंगी। यूनिवर्सिटी के किन स्कूल और सेंटर में चल रहे प्रोग्राम में यह कोटा उपलब्ध है उसे यूनिवर्सिटी वेबसाइट पर अधिसूचित कर दिया गया है। इस कोटे के विषय में विस्तृत जानकारी यूनिवर्सिटी की दोनों वेबसाइट पर उपलब्ध है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें