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Noida News: कागज की गड्डी पर 500 के नोट लगाकर करते थे ठगी

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कागज की गड्डी पर 500 के नोट लगाकर करते थे ठगी
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मुठभेड़ में पांच टप्पेबाज गिरफ्तार, सरगना को लगी गोली
कोतवाली सेक्टर-39 पुलिस के साथ हुई मुठभेड़, पुलिस अन्य आरोपियों की कर रही तलाश

माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। कोतवाली सेक्टर-39 पुलिस ने मुठभेड़ में पांच टप्पेबाजों को गिरफ्तार किया है, इसमें सरगना के पैर में गोली लगी है। बदमाश कागज की गड्डी पर 500 के नोट लगाकर मेट्रो स्टेशन और बस अड्डे के पास लोगों को झांसा देते थे।
पुलिस ने घायल बदमाश को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। इनके पास से तमंचा, कारतूस, स्विफ्ट डिजायर कार, 500 के नोट लगी कागज की दो गड्डी और पांच मोबाइल बरामद किए हैं। नोएडा जोन के एसीपी प्रथम प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि कोतवाली सेक्टर-39 पुलिस की टीम मंगलवार रात को वाहनों की चेकिंग कर रही थी। सेक्टर-37 कट पर पुलिस टीम ने स्विफ्ट डिजायर कार के युवकों को रुकने का इशारा किया, लेकिन बदमाश दादरी रोड की तरफ भागने लगे। पुलिस टीम ने पीछा कर संदिग्धों को ग्रीन बेल्ट में घेर लिया। इस दौरान बदमाशों की गाड़ी पेड़ से टकरा गई। बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में फायरिंग की तब एक बदमाश के पैर में गोली लग गई। घायल बदमाश की पहचान बिहार के भागलपुर निवासी विकास के रूप में हुई है। इसके बाद पुलिस की टीम ने कॉंबिंग के दौरान बिहार के मुजफ्फरनगर निवासी रंजन, मोहम्मद कुर्बान, पिंटू उर्फ संजय व कासगंज निवासी अमन को गिरफ्तार कर लिया। ये सभी दिल्ली में अलग-अलग स्थानों पर रहते हैं। सरगना विकास पर दिल्ली और नोएडा के थाने में विभिन्न घटना के पांच मुकदमे दर्ज हैं। वह पिछले साल ही दिल्ली में जेल गया था। इन बदमाशों ने एक युवक से मोबाइल लेकर बातों में उलझाकर पिन नंबर पूछ लिया। इसके बाद 10-10 हजार कर कुल एक लाख रुपये खाते से निकाल लिए। इस मामले में कोतवाली सेक्टर-39 में मुकदमा दर्ज था। गिरफ्तार सरगना पर दिल्ली व नोएडा में आठ से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
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आठवीं पास है गिरोह का सरगना

पुलिस की जांच में पता चला है कि गिरोह का सरगना विकास आठवीं पास है। गिरफ्तार अन्य आरोपी भी पांचवीं से सातवीं तक की पढ़ाई की है। ये बदमाश ध्यान भटकाकर अलग अलग तरीके से धोखाधड़ी और ठगी करते थे। आरोपी सीधे-साधे लोगों को अपने जाल में फंसाकर रकम दोगुना करने के नाम पर ठगी करते थे। इसके बाद नोट की नकली गड्डी थमा देते थे। बदमाश लग्जरी कार में घूमकर अकेले शख्स से मिलते थे और उन्हें सम्मोहित कर मोबाइल या डेबिट कार्ड लेकर भाग जाते थे। बदमाश 150 से अधिक लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं।
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