ग्रेटर नोएडा। शनिवार को कॉलेज, विश्वविद्यालय के आसपास जगह-जगह चेकिंग अभियान चलाया गया। सुबह से देर शाम तक पुलिस अधिकारी और कर्मचारी प्रमुख चौराहों, संवेदनशील स्थानों और दिल्ली की ओर जाने वाले मार्गों पर गश्त करते रहे। खुफिया विभाग से मिले इनपुट के आधार पर विपक्षी दलों के नेताओं, किसान संगठनों और श्रमिक संगठनों के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं पर भी निगरानी रखी गई। कई लोगों को उनके घरों पर नजरबंद किया गया। जीबीयू चौराहे पर इकोटेक-1 थाना पुलिस ने विशेष चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान वहां से गुजरने वाले वाहनों को रोककर उनकी तलाशी ली गई और उनमें सवार लोगों से पूछताछ की गई। ब्यूरो
नेताओं और कार्यकर्ताओं के घर पहुंची पुलिस:
पुलिस ने खुफिया विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर विपक्षी दलों, किसान संगठनों और श्रमिक संगठनों से जुड़े लोगों की निगरानी की। ग्रेटर नोएडा और सेंट्रल नोएडा जोन के विभिन्न थानों की पुलिस ने संबंधित लोगों के घर पहुंचकर उन्हें नजरबंद किया। इसके अलावा मेट्रो स्टेशन, बस अड्डों, रेलवे स्टेशन, होटल, गेस्ट हाउस, कॉलेज और विश्वविद्यालयों के आसपास भी पुलिस ने चेकिंग की। अधिकारियों का जोर दिल्ली की ओर जाने वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर रहा।
डीएम कार्यालय और आवास की सुरक्षा बढ़ाई
सूरजपुर स्थित कलेक्ट्रेट परिसर के साथ जिलाधिकारी मेधा रूपम के मलकपुर स्थित आवास के बाहर भी सुरक्षा बढ़ाई गई। दोनों स्थानों पर पुलिसकर्मियों को तैनात कर निगरानी रखी गई। पुलिस प्रशासन ने प्रमुख सरकारी कार्यालयों और संवेदनशील स्थानों पर सतर्कता बढ़ा दी।
कांग्रेस कार्यालय पर पदाधिकारियों को रोका
गौतमबुद्धनगर जिला कांग्रेस कार्यालय पर पुलिस का पहरा रहा। कांग्रेस पदाधिकारियों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए पुलिस ने कार्यालय पर निगरानी रखी। जिला अध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला समेत गौतम अवाना, मुकेश शर्मा, दुष्यंत नागर, महाराज सिंह, रिजवान चौधरी, नीरज लोहिया, धर्म सिंह और सुरेंद्र प्रताप सिंह को जिला कार्यालय पर पुलिस हिरासत में रखे जाने की बात कही गई। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि बीते दो दिनों से उन्हें कभी घर तो कभी कार्यालय पर नजरबंद किया जा रहा है।