-इंटरनेट से आधी-अधूरी जानकारी लेकर व्यायाम करने से बढ़ी चोटों की आशंका
-भारोत्तोलन समेत अन्य खेलों से जुड़े खिलाड़ियों को नहीं मिल रहा प्रशिक्षण
पीयूष गौतम
ग्रेटर नोएडा। जिले भर में जिम और स्वीमिंग पूल की जांच कर उन्हें मानकों पर कसने वाला जिला खेल विभाग खुद अपने मलकपुर स्थित स्टेडियम में संचालित जिम को लेकर गंभीर नहीं दिख रहा है। यहां खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने के लिए न तो कोई नियमित प्रशिक्षक है और न ही भारोत्तोलन जैसे तकनीकी खेल के लिए विशेषज्ञ कोच हैं। इसके चलते खिलाड़ियों का खेल कौशल और फिटनेस दोनों ही प्रभावित हो रहे हैं।
मलकपुर खेल स्टेडियम जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के खिलाड़ियों के लिए केंद्र बिंदु है। यहां भले ही आधुनिक उपकरण मौजूद हैं, लेकिन प्रशिक्षकों की कमी के चलते खिलाड़ी सही तकनीक से अभ्यास नहीं कर पा रहे। सबसे ज्यादा दिक्कत भारोत्तोलन के खिलाड़ियों को हो रही है। यह खेल तकनीक और सावधानी की मांग करता है, लेकिन बिना किसी अनुभवी मार्गदर्शन के अभ्यास करने से खिलाड़ियों को चोट लगने का खतरा बना रहता है।
स्थानीय खिलाड़ियों का कहना है कि वे इंटरनेट या अन्य माध्यमों से व्यायाम की जानकारी जुटाकर खुद ही अभ्यास करने को मजबूर हैं, जो पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। उनका मानना है कि यदि उन्हें उचित मार्गदर्शन मिले तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी असर
खेल विभाग की लापरवाही का असर खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी पड़ा है। वर्ष 2023-24 में ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम विश्वविद्यालय में दो अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलन प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं, लेकिन जिले के खिलाड़ी कोई उल्लेखनीय सफलता नहीं हासिल कर सके। प्रशिक्षण के लिए उन्हें दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद जैसे शहरों का रुख करना पड़ता है, जो आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों के लिए बड़ी चुनौती है।
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बयान
भारत्तोलन के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से हमने शासन से कोच की मांग की है। इस संबंध में जल्द ही शासन को दोबारा मांग पत्र सौंपा जैएगा।
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अनीता नागर, जिला उप क्रीड़ा अधिकारी, गौतमबुद्ध नगर