माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। सीआईए-1 के पूर्व प्रभारी संदीप की नगला-पार में जमीन खरीदने और धमकी भरा फोन करने के मामले नया मोड़ आ गया है। अब शिकायतकर्ता रामफल के भाई आजाद सामने आए हैं। आजाद ने भी अपनी एक वीडियो जारी की है। 12 मिनट पांच सेकेंड के वीडियो में उसने दावा किया है कि उसके हिस्से की जमीन नहीं बेची गई है। सीआईए-1 प्रभारी का 75-80 लाख रुपये में जमीन खरीदने का बयान गलत है। उन्होंने अपने भाई और भतीजे पर जमीन पर कब्जा करने के आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि भतीजे ने उन पर गोली चलाई थी। जिस मामले में सीआईए-1 प्रभारी संदीप जांच अधिकारी हैं। मार्च 2026 में उनकी गवाही होनी है। उनका कहना है कि दिसंबर 2024 में उनके बेटे की संदिग्ध हालत में मौत हुई थी। उन्हें आशंका है कि उसकी हत्या हुई की गई थी। उन्होंने प्रकरण की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। उधर, जांच अधिकारी डीएसपी पानीपत का कहना है कि अभी उनके पास शिकायत नहीं आई। शिकायत आने के बाद जांच शुरू की जाएगी।
शनिवार को इस मामले में जमीन के मालिक रामफल के भाई आजाद ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर जारी की। उन्होंने कहा कि मेरी 12 एकड़ जमीन मेरे पास है। मैंने रिकार्डिंग सुनी है, जिसमें संदीप कह रहा है कि मैंने 75-80 लाख में जमीन खरीदी। ये बयान गलत हैं। 23 जून 2024 को भतीजे राजन ने उन पर 30 गोली चलाई थी। जिसमें उनकी जान बच गई थी। इस मामले में सीआईए-1 प्रभारी संदीप जांच अधिकारी हैं। उनकी मार्च 2026 में गवाही होनी है। जिस कारण उसने मेरा पक्ष लेते हुए यह बात कही होगी। लेकिन उन पर दबाव बनाने के लिए इस तरह की शिकायत की जा रही है। आजाद का आरोप है कि दिसंबर 2024 में उनके बेटे की संदिग्ध हालत में मौत हुई थी। उसका शव दिल्ली पैरलल नहर में मिला था। उस समय उसने कहा था कि उसके बेटे की हत्या हुई थी। लेकिन, किसी ने भी इस पर ध्यान नहीं दिया। आजाद सिंह ने आरोप लगाया कि उनका भतीजा उनको मारना चाहता है। जिस कारण वह अज्ञातवास में है और सामने नहीं आ रहे हैं। वह जल्द ही सामने आएंगे। उन्होंने पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच कराने की मांग की है।
प्रभारी को बर्खास्त करने की मांग
उधर, रामफल का कहना है कि आरोपी संदीप चहल को लाइन हाजिर किया गया है। लेकिन वह इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि वह अब आईजी और डीजीपी से मिलकर उन्हें बर्खास्त करने की मांग करेंगे। नंगला पार निवासी रामफल ने शुक्रवार को सीआईए-1 प्रभारी पर बेटे को एनकाउंटर की धमकी देने के आरोप लगाए थे। उन्होंने करीब 29 मिनट की कॉल रिकॉर्डिंग के साथ एसपी से इस मामले की शिकायत की थी। जिसके बाद एसपी ने सीआईए-1 प्रभारी संदीप को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया था। साथ ही इस मामले की जांच डीएसपी पानीपत आत्माराम को सौंपी थी। जिसके बाद से ही यह मामला चर्चाओं में हैं।
सीआईए-1 प्रभारी की कार्य प्रणाली पर उठते रहे सवाल
सीआईए-1 प्रभारी संदीप की कार्यप्रणाली पर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। पिछले सप्ताह ही सिवाह गांव में भाकियू के पूर्व उप प्रधान सुमित को गोली मार दी थी। सीआईए-1 ने प्रकरण का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। लेकिन घायल के पिता और अखिल भारतीय जाट महासभा के प्रधान गुरदेव ने उनके खुलासे पर सवाल उठाए थे। सीआईए-1 प्रभारी पर अधिकारियों को भी गुमराह करने के आरोप लगाए गए थे। जिसके बाद इस मामले की जांच सीआईए-1 से लेकर करनाल पुलिस को सौंप दी गई थी।
सीआईए-वन के प्रभारी संदीप पर आरोपों की लिखित शिकायत उनको नहीं मिली है। शिकायत के आधार पर मामले की जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपेंगे। इसमें आगामी कार्रवाई उच्चाधिकारियों के स्तर पर की जाएगी।
-आत्माराम, डीएसपी पानीपत।