ग्रेटर नोएडा। नोएडा एयरपोर्ट की नींव रखने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। एयरपोर्ट की साइट से किसानों को विस्थापन का काम लगभग पूरा हो गया है। 3000 किसानों में से अब करीब 50 किसान ही हैं, जिन्हें विस्थापित किया जाना शेष है। एक सप्ताह से भी कम समय में उन्हें विस्थापित करने की तैयारी है।
नोएडा एयरपोर्ट के पहले चरण की 1334 हेक्टेयर जमीन लगभग खाली हो चुकी है। यहां के 3000 किसान परिवारों को जेवर बांगर में विस्थापित किया जा रहा है। किसान वहां पर अपना घर बना रहे हैं। अब करीब 50 किसान परिवार ही बचे हैं। इनके विस्थापित होते ही जमीन के ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू होगी। यह जमीन पहले नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नियाल) के नाम की जाएगी। अभी यह नागरिक उड्डयन विभाग के पास है। नियाल ही ज्यूरिख एयरपोर्ट की सब्सिडरी कंपनी यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड को लीज पर देगी। नियाल में नोएडा, ग्रेनो, यीडा व प्रदेश सरकार व ज्यूरिख कंपनी के बीच शेयर होल्डिंग का एग्रीमेंट इसी सप्ताह साइन हो जाएगा। इसकी तैयारी लगभग पूरी हो गई है। इसके बाद विकासकर्ता कंपनी को जमीन स्थानांतरित कर दी जाएगी। नियाल में जितने शेयर होल्डर हैं, उन्होंने इस एग्रीमेंट के लिए नियाल को अधिकृत कर दिया है।
नोएडा एयरपोर्ट के पहले चरण के लिए 1334 हेक्टेयर जमीन नागरिक उड्डयन विभाग के नाम अधिगृहीत की गई थी। अब यह जमीन नियाल के नाम दर्ज होनी है। नागरिक उड्डयन विभाग से नियाल के नाम जमीन दर्ज होने में करीब 96 करोड़ रुपये स्टांप ड्यूटी लगेगी। सूत्र बताते हैं कि विकासकर्ता कंपनी को जमीन ट्रांसफर करने के लिए सारी तैयारी पूरी की जा रही हैं। जल्द ही यह जमीन उसे सौंप दी जाएगी। इसके बाद एयरपोर्ट की सारी प्रक्रिया संपन्न हो जाएगी। उम्मीद है कि अगस्त में एयरपोर्ट का शिलान्यास हो सकता है।