नोएडा। देश के 12 से अधिक अंतरराज्यीय व अंतरराष्ट्रीय वाहन चोर गिरोह से गाड़ियां खरीदकर बेचने वाले मोस्टवांटेड आरिफ हुसैन को कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरिफ अब तक 500 से अधिक वाहन बेच चुका है। मंगलवार रात को सेक्टर-60 एलिवेटेड रोड से पकड़े गए आरोपी के पास से चोरी की इनोवा बरामद हुई है। पुलिस पूछताछ में उसने कई वाहन चोर गिरोह और गाड़ियों की खरीद-बिक्री करने वालों की जानकारी दी है।
नोएडा जोन के एसीपी-2 रजनीश वर्मा ने बताया कि कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस की टीम ने मंगलवार रात को लग्जरी वाहन चुराने वाले अली जैदी गिरोह के बदमाश मुरादाबाद निवासी आरिफ हुसैन को दबोच लिया। आरिफ के पास से दिल्ली के गोविंदपुरी से 4 जुलाई को चोरी इनोवा बरामद हुई। पूछताछ में उसने बताया कि बंटी, अली, सतीश, आसिफ और साहिब अहमद ने दिल्ली से इनोवा चुराई थी। जिसे डेढ़ लाख रुपये में खरीदकर आरिफ ने मयूर विहार की पार्किंग में खड़ी कर दी थी। साहिब और अली के गिरफ्तार होने के बाद आरिफ मंगलवार को दिल्ली से इनोवा लेकर मुरादाबाद जा रहा था। तभी कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस ने उसे दबोच लिया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह चोरी की गई 500 से अधिक कारों को खरीद कर बेच चुका है।
लॉकडाउन में चोरी की 100 लग्जरी गाड़ियां
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान उसके गिरोह के बदमाशों ने दिल्ली-एनसीआर से 50 इनोवा और 50 फॉरच्यूर्नर चोरी की थीं। सभी वाहन आजमगढ़ निवासी सलीम खान को बेची थी। पंजाब की फर्जी नंबरप्लेट लगाकर चोरी के वाहनों को एनसीआर से बाहर भेजा जाता था। मंगलवार रात बरामद इनोवा को भी वह सलीम खान को बेचने जा रहा था।
सरगना का चालक था, मौत के बाद गिरोह से करने लगा डील
आरिफ वाहन चोर गिरोह के सरगना जेडए खान का चालक था। जेडए खान के साथ कई वर्षों तक रहने के दौरान ही अन्य गिरोह से संपर्क बना लिए थे। चार वर्ष पहले जेडए खान की मौत हो गई। जिसके बाद उसने खुद डील शुरू कर दी। वह यूपी, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के वाहन चोरों से गाड़ियां खरीदने लगा। हालांकि बाद में वह अली जैदी गिरोह में शामिल हो गया था।
लखनऊ पुलिस ने घोषित किया था वांटेड, नोएडा पुलिस ने दबोचा
आरिफ ने बताया कि कुछ माह पहले लखनऊ पुलिस ने उसके गिरोह के कई बदमाशों को गिरफ्तार कर 102 वाहन बरामद किए थे। इस मामले में वह वांटेड था। लखनऊ पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। नोएडा पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी की जानकारी लखनऊ पुलिस को दे दी है।
नाम बदलकर करता था काम, हर गाड़ी से कमाता था 20 से 30 हजार
पकड़ा गया आरिफ हुसैन कई बार खुद का नाम राहुल बताता था। वहीं दिल्ली एनसीआर से लेकर आजमगढ़ के जिस सलीम खान को वह गाड़ियां बेचता था। वह भी अपना नाम विनय ठाकुर बताता था। पुलिस के मुताबिक हर गाड़ी पर 20-30 हजार रुपये मुनाफा वसूलकर सलीम खान को बेच देता था। इसके बाद आजमगढ़ से वाहनों को नेपाल, मुंबई, झारखंड से लेकर गुजरात में खपाया जाता था।
500 से अधिक चोरी के वाहनों को खरीदकर बेचने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। उसके पास से चोरी की लग्जरी कार बरामद की गई है। इसके अन्य साथियों के बारे में पता लगाया जा रहा है। - रणविजय सिंह, एडीसीपी नोएडा।