फोटो 50: गांव में ब्यूटी पार्लर में काम करतीं अंजली सिंह। स्रोत : विभाग
- सीएम सामूहिक विवाह समारोह में वधुओं को सजाने की निभाई जिम्मेदारी
- कम खर्च में महिलाओं को सजाने का काम कर रहीं समूह की महिलाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदाेई। सभी को सुंदर और सबसे अलग दिखने की लालसा रहती है। गांवों तक अब महिलाओं के सजने और सजाने का काम पहुंच गया है। समूह की महिलाओं ने जिसे समय के साथ पहचाना और ब्यूटीपार्लर की विधा सीखी। गांव में ही ब्यूटीपार्लर खोलकर स्वरोजगार की राह पकड़ी और आमदनी का जरिया निकाल लिया।
विकास खंड शाहाबाद के शर्मा फत्तेपुर की महिलाओं ने घर की चौखट लांघकर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन को आमदनी का जरिया बनाया। मिशन से जुड़कर महिलाओं ने समूह बनाया। शर्मा फत्तेपुर की अंजली सिंह ने गांव की महिलाओं को जोड़कर रोशनी आजीविका स्वयं सहायता समूह का गठन किया। बताया कि पहले को समूह का संचालन कठिन लगा, लेकिन अन्य महिलाओं को समझाने और उनमें बचत की आदत डाली गई।
समझाया कि घर पर ही स्वरोजगार लगाकर घर के कामकाज से बचे समय में आमदनी का जरिया भी बनेगा। अंजली सिंह ने बताया कि गांवों में शादी-बरात आदि में महिलाओं के सजने-संवरने को समझा, उसी को देखते हुए उन्होंने ब्यूटीपार्लर का कोर्स कर लिया।
बताया कि ब्यूटीपार्लर का कोर्स करने के बाद कम लागत में ही गांव में ब्यूटीपार्लर खोल लिया। समय के साथ ब्यूटीपार्लर चलने लगा। अभी हाल ही में तहसील शाहाबाद में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के समारोह में वधुओं को सजाने-संवारने का काम भी किया। बताया कि अब उनकी आमदनी बढ़ी, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है।
वर्जन
वैसे भी शासन की प्राथमिकता महिला सशक्तीकरण की है। समूह से जुड़कर महिलाओं ने आत्मनिर्भर बनने का रास्ता चुना है। मिशन से जुड़कर महिलाओं ने ब्यूटीपार्लर का भी काम शुरू किया है। जिससे उनकी आमदनी का जरिया बना है। समूह की महिलाओं को रोजगार दिए जाने के लिए सरकारी आयोजनों में भी काम दिलाया जा रहा है।-सान्या छाबड़ा, सीडीओ