पुलिस ने दो दिन के रिमांड पर लिया दोनों को, जांच के लिए एसआईटी गठित
-बगैर मान्यता के चल रहा था स्कूल, शिक्षा विभाग ने लगाई सील
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। जटलाना रोड स्थित सृजन पब्लिक स्कूल में होमवर्क न करने पर कक्षा दो के छात्र को उल्टा लटका दिए जाने के मामले में पुलिस ने सोमवार को स्कूल के वैन चालक अजय (24) और प्रधानाचार्य रेनू ( 44 ) को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। पूरे मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी ) का गठन कर दिया गया है। अजय ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने बच्चे को रेनू के कहने पर लटकाया था। उसे बर्बरता से पीटा भी था। बगैर मान्यता के चल रहे इस स्कूल की मालिक भी रेनू ही है।
उधर, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने पूरे मामले की रिपोर्ट शिक्षा विभाग से तलब कर ली। इसके तत्काल बाद जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा ने अपनी टीम के साथ जाकर स्कूल को सील कर दिया। बूरा ने बताया कि स्कूल बगैर मान्यता के चल रहा था। यह पहले गांव ददलाना में था। एक साल पहले जटलाना रोड पर खोला गया।
एसपी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि बच्चे की मां की तहरीर पर पुलिस ने केस अजय के खिलाफ ही दर्ज किया था। सोमवार की सुबह उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने बताया कि 13 अगस्त को प्रधानाचार्य ने उसे बुलाकर कहा कि इस बच्चे को ले जाओ। यह होमवर्क करके नहीं लाया है। इसे उल्टा लटकाकर ऐसा सबक सिखाओ को कभी होमवर्क करना न भूले। इस पर वह बच्चे को दूसरे कमरे में ले गया और प्रधानाचार्य ने जैसा कहा था, वैसा ही किया।
उसने पुलिस को बताया कि प्रधानाचार्य बच्चों को सख्त सजा देती है। कोई कहा न माने तो पिटाई कर देती है। उसने बच्चे को उल्टा लटकाने का वीडियो बना लिया था। प्रधानाचार्य को जब लगा कि वह इस मामले में फंस सकती है तो उसने खुद को बचाने के लिए उसे नौकरी से निकाल दिया। इसके बाद उसने खुन्नस में आकर वीडियो इंस्टाग्राम पर डाल दिया। इसी वीडियो को देखकर बच्चे की मां ने पुलिस से शिकायत की थी। अजय ने बताया कि उसने और भी वीडियो बनाए। एक वीडियो में प्रधानाचार्य बच्चे को पीट रही है। यह भी इंस्टाग्राम पर डाल दिया।
घटना पर मानवाधिकार आयोग सख्त
बच्चे से क्रूरता की घटना पर हरियाणा मानवाधिकार आयोग के चेयरमैन ललित बत्रा पानीपत पहुंचे। उन्होंने इस मामले में की गई कार्रवाई की जानकारी ली। इसके बाद गेस्ट हाउस में पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के साथ मीटिंग कर कहा है कि बगैर मान्यता से चल रहे स्कूलों को बंद कराया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि इस घटना की पुनरावृत्ति न होने पाए।
तीन धाराओं में केस दर्ज
पुलिस ने यह मामला किसी को चोट पहुंचाने की बीएनएस की धारा 115, गलत तरीके से बंद रखने की धारा 127( 2) , धमकी देना की धारा 351( 2) और 19 जुवेनाइल एक्ट के तहत दर्ज किया। इनमें दोष सिद्ध होने पर तीन साल तक की सजा का प्रावधान है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को सोमवार की शाम कोर्ट में पेश किया। पुलिस की अर्जी पर कोर्ट ने दो दिन की रिमांड दे दी। अब एसआईटी दोनों से पूछताछ करेगी।