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Noida News: संयुक्त जिला अस्पताल का ट्रॉमा सेंटर होगा सेंट्रलाइज्ड एसी

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गाजियाबाद। संजयनगर स्थित संयुक्त जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। अस्पताल परिसर में स्थापित ट्रॉमा सेंटर को अब पूरी तरह सेंट्रलाइज्ड एसी किया जाएगा। इसके साथ ही यहां डिजिटल एक्स-रे मशीन भी इंस्टॉल कर दी गई है। हालांकि अभी तक हैंडओवर नहीं होने से एक्स-रे कक्ष में ताला लटक रहा है।
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संयुक्त जिला अस्पताल परिसर में ट्रॉमा सेंटर की शुरुआत 14 अक्तूबर 2011 को की गई थी। उद्देश्य था कि आपात स्थिति में मरीजों को तत्काल इलाज और ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए ब्लड स्टोरेज यूनिट भी शुरू की गई थी। लेकिन बीते वर्षों में ट्रॉमा सेंटर का उपयोग केवल इमरजेंसी वार्ड के रूप में ही किया गया। गंभीर मरीजों को ऑपरेशन के लिए अन्य अस्पतालों में रेफर किया जाता रहा है।


अब अस्पताल प्रशासन ट्रॉमा सेंटर को पूर्ण रूप से ऑपरेशनल और अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाने के लिए सक्रिय है। डिजिटल एक्स-रे मशीन इंस्टाल हो चुकी है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार अब आपात स्थिति में तुरंत एक्स-रे करने की सुविधा उपलब्ध हो गई है। यह कक्ष तैयार किया जा चुका है और जल्द ही संस्था हैंडओवर कर देगी।
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सोमवार को ट्रॉमा सेंटर के सभी कक्षों का निरीक्षण कार्यदायी संस्था द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान सेंट्रलाइज्ड एसी सिस्टम के लिए आवश्यक तकनीकी मूल्यांकन किया गया। बताया गया कि जल्द ही एसी सिस्टम लगाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा, जिससे गर्मी और नमी के मौसम में मरीजों को राहत मिल सकेगी और सर्जिकल वातावरण बेहतर होगा। इसके अलावा शासन से निर्देश मिलते ही ट्रॉमा सेंटर में मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर तैयार किया जाएगा।

सीएमएस डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि चिकित्सीय सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से स्टाफ की तैनाती की जा रही है। हड्डी रोग विशेषज्ञ सहित अन्य डॉक्टरों को नियुक्त किया गया है। इससे आपात स्थिति में तुरंत उपचार और सर्जरी की सुविधा सुनिश्चित की जा सके। अस्पताल प्रशासन का प्रयास है कि आगामी कुछ महीनों में यह सेंटर पूरी तरह से क्रियाशील और अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों से सुसज्जित हो जाए।

क्या है मॉड्यूलर ओटी
सीएमएस एवं सर्जन डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि मॉड्यूलर ओटी में ऑपरेशन संबंधित सभी संयंत्र संक्रमण मुक्त रहते हैं। इसके अलावा अधिकांश चीजों स्वचालित होती हैं। ओटी का दरवाजा, पानी की टोंटी सहित अन्य चीजों को छूने की जरूरत नहीं होती है।
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