सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा सोसाइटी अब आईआरपी की देखरेख में चलेगी
बिल्डर ने सोसाइटी का निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया था, कंपनी की दिवालिया प्रक्रिया शुरू
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-94 स्थित सुपरनोवा सोसाइटी बिल्डर को चार फेज में पूरी करनी थी लेकिन बिल्डर की ओर से अभी तक पहले और दूसरे चरण का ही काम पूरा नहीं किया गया है। कई साल से खरीदार अपने फ्लैट का और मालिकाना हक का इंतजार कर रहे हैं। सोसाइटी अब इंटरिम रिज्यॉल्यूशन प्रोफेशनल (आईआरपी) की देखरेख में चलेगी। ऐसे में खरीदारों को राहत की उम्मीद नजर आ रही है। निवासियों को मूलभूत सुविधाओं के लिए बिल्डर की ओर हाथ नहीं फैलाना होगा।
15 साल से अधर में लटकी नोएडा की सबसे ऊंची बिल्डिंग सुपरनोवा को बनाने वाली कंपनी सुपरटेक रियल्टर्स की भी दिवालिया प्रक्रिया शुरू होने वाली है। नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) ने इसकी मंजूरी दे दी है। दिवालिया प्रक्रिया में जाने के बाद कंपनी की संपत्तियों को बेचकर बैंकों के कर्ज उतारे जाएंगे। फिलहाल प्रॉजेक्ट में आईआरपी की निगरानी में काम होगा। सुपरनोवा प्रोजेक्ट का काम बिल्डर को चार फेज में पूरा करना था लेकिन बिल्डर की ओर से काम पूरा नहीं किया गया।
पूर्व महासचिव कर्नल रजत चावला ने बताया कि पहले फेज में एस्ट्रालिस टावर, दूसरे चरण में नोवा ईस्ट और नोवा वेस्ट, तीसरे चरण में एस्पायरा टावर और चौथे चरण में हाइपरनोवा मॉल बनना था। इसमें अबतक सिर्फ नोवा ईस्ट और नोवा वेस्ट में सबसे अधिक काम हुआ है। एस्ट्रालिस और एस्पायरा टावर का काम भी अधूरा है और हाइपरनोवा मॉल शुरू होने में बहुत समय लगेगा। सोसाइटी निवासी डॉ. अशोक शुक्ला ने बताया कि नोवा ईस्ट और नोवा वेस्ट 43 फ्लोर का तैयार किया गया है और यहां पर 582 फ्लैट खरीदार रह रहे हैं। लगभग 90 फ्लैट रजिस्ट्री के बिना हैं, हालांकि नोएडा प्राधिकरण से ओसी मिल चुकी है। बिल्डर ने अबतक फायर एनओसी नहीं ली, लिफ्ट खराब स्थिति में हैं। नोवा वेस्ट बिल्डिंग में एक लिफ्ट ही नहीं लगाई गई। एस्ट्रालिस और एस्पायरा भी एसटीपी, डब्ल्यूटीपी, बिजली और पानी के लिए नोवा ईस्ट और नोवा वेस्ट पर ही निर्भर हैं।
जिन खरीदारों को फ्लैट नहीं मिला है इनके ऑथराइज्ड रिप्रेंजेंटेटिव सीओसी की मीटिंग में शामिल होंगे। वहीं, जिनको घर मिल गए हैं उनके लिए भी मीटिंग की जाएगी। सभी की समस्या का समाधान निकाला जाएगा। -अंजू अग्रवाल, आईआरपी