25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में होगा आयोजन
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश की औद्योगिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक धरोहर को विश्व पटल पर स्थापित करने करने के लिए जिला प्रशासन ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस-2025) को सफल बनाने की तैयारियां तेज कर दी है। आगामी 25 से 29 सितंबर तक यह आयोजन इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में होगा। शुक्रवार को एमएसएमई, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्र विभाग के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान की अध्यक्षता में तैयारियों को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक एक्सपो मार्ट में आयोजित की गई। बैठक में आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं, सुरक्षा प्रबंधन, प्रदर्शनी स्थल और यातायात नियंत्रण जैसी अहम तैयारियों पर चर्चा हुई।
बैठक में राकेश सचान ने कहा कि यूपीआईटीएस-2025 को विश्व पटल पर उत्तर प्रदेश की औद्योगिक और सांस्कृतिक उपलब्धियों का भव्य प्रदर्शन बनाना सरकार की प्राथमिकता है। सरकार का संकल्प है कि उत्तर प्रदेश को वैश्विक व्यापार केंद्र के रूप में स्थापित किया जाए। इस दिशा में एमएसएमई, ओडीओपी, खादी, हथकरघा एवं वस्त्र, रेशम उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, नवीकरणीय ऊर्जा और पारंपरिक शिल्प क्षेत्रों को एक मजबूत मंच दिया जा रहा है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदर्शनी स्थल की व्यवस्थाओं, सुरक्षा, स्वच्छता, ट्रैफिक नियंत्रण और प्रतिभागियों की सुविधा से जुड़े सभी कार्य समयबद्ध और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।
अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने कहा कि यूपीआईटीएस-2025 अपने पिछले संस्करणों से अधिक सफल साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन हमारे उद्यमियों, कारीगरों और उद्योगों के लिए निर्यात का नया द्वार बनेगा। सरकार सभी हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित कर रही है जिससे यह आयोजन हमें ट्रिलियन-डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर ले जाए। बैठक में अपर मुख्य सचिव एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन आलोक कुमार, जिलाधिकारी मेधा रूपम, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रवि कुमार एनजी, नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम, यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) राजीव नारायण मिश्रा, इंडिया एक्सपो मार्ट अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार मौजूद रहे।
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2400 प्रदर्शक और लाखों आगंतुक होंगे शामिल
यूपीआईटीएस-2025 में 2400 से अधिक प्रदर्शक एमएसएमई, बड़े उद्योग, आईटी/आईटीईएस, पर्यटन, आतिथ्य, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, स्टार्टअप्स, जीआई टैग उत्पाद, खिलौना उद्योग, हथकरघा-वस्त्र, डिजिटल इंडिया मिशन, स्मार्ट सिटी मिशन और नवीकरणीय ऊर्जा समेत विभिन्न क्षेत्रों से भाग लेंगे। इस आयोजन में 1.25 लाख से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों और लगभग 4.25 लाख आगंतुकों के आने की संभावना है।