फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: हिंदू समाज को सामर्थवान बनाने के लिए हुई थी संघ की स्थापना

विज्ञापन
विज्ञापन
- संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित हुआ कार्यक्रम
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। आरएसएस के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र ठाकुर ने कहा कि संघ की स्थापना किसी के विरोध में नहीं बल्कि हिंदू समाज को संगठित और सामर्थ्यवान बनाने के लिए हुई थी। 1948 में प्रतिबंध झेलने के बावजूद संघ अपने कार्यों से समाज को जोड़ता रहा और 1949 में पुनः सक्रिय हो गया।
नरेंद्र ठाकुर शनिवार को रामगढ़ताल स्थित योगिराज गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में विश्व संवाद केंद्र गोरखपुर की ओर से प्रकाशित साप्ताहिक पत्रिका ध्येय मार्ग के विशेषांक “राष्ट्र साधना के सौ वर्ष” के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार का जीवन देशभक्ति से ओत-प्रोत था। वे अनुशीलन समिति से जुड़े रहे और राजद्रोह के आरोप में एक वर्ष की सजा भी भुगती लेकिन विचलित नहीं हुए। हेडगेवार ने यह सोचकर संघ की स्थापना की कि हिंदू समाज को जगाना आवश्यक है। आज संघ की देशभर में 83 हजार से अधिक दैनिक शाखाएं और 29 हजार से अधिक साप्ताहिक मिलन कार्यक्रम संचालित हो रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

कार्यक्रम की अध्यक्षता उद्योगपति चंद्र प्रकाश अग्रवाल ने की। शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि से हुआ। इस अवसर पर प्रांत प्रचारक रमेश, सह प्रचार प्रमुख मनोजकांत, डॉ. महेंद्र अग्रवाल, प्रो. ईश्वर शरण विश्वकर्मा, डॉ. उमेश सिंह सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक और विशिष्टजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन वंदेमातरम के साथ हुआ।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें