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Noida News: ईसीसीई एजुकेटर्स के कंधों पर होगी बाल वाटिका की जिम्मेदारी

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-5 से 6 वर्ष के बच्चों को आगंनवाड़ी में बनाया जाएगा निपुण
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-जनपद के 48 स्कूलों को पायलट प्रोजेक्ट के तहत चुना गया
-अब तक गौतम बुद्ध नगर व देवरिया में ही चुने गए हैं एजुकेटर्स

अंकुर त्रिपाठी
ग्रेटर नोएडा। परिषदीय स्कूलों में चलने आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहली बार पांच से छह वर्ष के बाल वाटिका के बच्चों को ईसीसीई एजुकेटर्स (अर्ली चाइल्डहुड केयर एजुकेशन) के तहत पढ़ाया जाएगा। इन बच्चों को खेल खेल में भाषा और गणित में निपुण बनाया जाएगा।
अब तक इन बच्चों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पढ़ाती थीं। जब यह बच्चे परिषदीय स्कूलों में कक्षा एक में पहुंचते थे तो इनके साथ शिक्षकों को फिर से मेहनत करनी पड़ती थी। अब ऐसा नहीं होगा। बच्चों को अब भाषा और गणित का पहले से ज्ञान होगा,जिससे उन्हें निपुण बनाने में कामयाब मिलेगी। नई शिक्षा नीति के तहत अब छह साल के बच्चों का ही कक्षा एक में प्रवेश होता है। पांच से छह वर्ष के बच्चों को आंगनबाड़ी में ही पढ़ना पड़ता है। यहां बच्चे बैठना सीखते हैं। अब बच्चों को बैठने के साथ ही निजी स्कूलों की तर्ज पर एबीसीडी से लेकर अंकों का पूरा ज्ञान करा दिया जाएगा।
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एजुकेटर्स को हर माह मिलेंगे 10300 रुपये
इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से ईसीसीई एजुकेटर्स की नियुक्ति की गई है। इन्हें हर माह 10 हजार 300 रुपये मिलेंगे। इनकी जिम्मेदारी केवल पांच से छह वर्ष के बच्चों को खेल खेल में पढ़ाने की होगी। इनकी भी मॉनिटरिंग की जाएगी। जिन ईसीसीई एजुकेटर्स का परिणाम अच्छा नहीं होगा उन्हें 11 माह का कार्यकाल पूरा होने के बाद हटा दिया जाएगा।



वंडर बॉक्स किट से बच्चों को पढ़ाएंगे
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के प्रवक्ता राजेश खन्ना ने बताया कि एससीईआरटी में इसके लिए छह दिवसीय ट्रेनिंग दी गई है। जिसमें डायट प्रवक्ता सुमिता और दीक्षा और स्टेट रिसोर्स पर्सन अशोक कुमार शामिल हुए थे। हमें बताया गया है कि ईसीसीई एजुकेटर्स को वंडर बॉक्स की मदद से बच्चों को पढ़ाना होगा। जिसमें भाषा और गणित के सभी टूल्स मौजूद होंगे। सभी एजुकेटर्स को जल्द ट्रेनिंग दी जाएगी।




आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी पढ़ाएंगी
अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता केवल तीन से पांच साल तक के बच्चों को ही पढ़ाएंगी। वह उन्हें बैठना और अक्षरों के ज्ञान की जानकारी देगी। नई शिक्षा नीति के तहत अब वह 5 साल से ऊपर वाले बच्चों को नहीं पढ़ाएंगी। हर बच्चा पढ़े इसके लिए सरकार की ओर से बदलाव किया गया है।
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गौतमबुद्ध नगर और देवरिया में हुआ चयन
प्रदेश में ईसीसीई एजुकेटर्स (एर्ली चाइल्डहुड केयर एजुकेशन) के तहत छात्रों को पढ़ाने के लिए अभी पायलेट प्रोजेक्ट के तहत केवल गौतमबुद्ध नगर और देवरिया में ही चयनित किया जा चुका है। जनपद में 48 में से 22 को चुन लिए गए है। अन्य की प्रकिया चल रही है। चारों ब्लॉक के 11-11 स्कूलों को पहले चरण में चुना गया है। इसके साथ ही चार पीएम श्री स्कूल चयनित किए गए हैं।
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वर्जन
गर्मी की छुट्टी के बाद स्कूल खुलने पर ईसीसीई एजुकेटर्स ही आंगनबाड़ी में 5 से 6 वर्ष के बच्चों को पढ़ाते हुए दिखाई देंगे। उनकी जिम्मेदारी बच्चों को भाषा और गणित का ज्ञान कराना होगा।
- राहुल पंवार, बेसिक शिक्षा अधिकारी
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