बरियाल (कांगड़ा)। जवाली विधानसभा क्षेत्र का राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हरसर पिछले कई वर्षों से शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है। सरकार 100 स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध करने की तैयारी में है, लेकिन हरसर स्कूल में शिक्षकों के रिक्त पदों को नहीं भरा जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक स्कूल में भौतिकी, हिंदी, संस्कृत और शास्त्री प्रवक्ता समेत चित्रकला शिक्षकों के पद रिक्त हैं। कुछ साल पहले इस स्कूल में ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा में विद्यार्थियों की अच्छी संख्या होने का दावा किया जाता था, लेकिन वर्तमान में यह संख्या घटकर केवल 98 रह गई है। हैरानी की बात यह है कि स्कूल के प्रधानाचार्य का पद भी पिछले दो सालों से खाली पड़ा है। भौतिकी विषय के प्रवक्ता का पद पिछले डेढ़ माह से खाली है। हालांकि, शिक्षा विभाग ने समय-अंतराल की व्यवस्था की थी, जिसके तहत दूसरे स्कूल से भौतिकी के प्रवक्ता को सप्ताह में तीन दिन यहां पढ़ाने के आदेश हुए थे। लेकिन स्वास्थ्य कारणों से उनकी प्रतिनियुक्ति भी रद्द कर दी गई, जिससे विज्ञान के विद्यार्थी परेशान हैं। अभिभावकों का कहना है कि स्थानीय विधायक एवं कृषि मंत्री चंद्र कुमार स्कूल में शिक्षकों के रिक्त पदों से अच्छी तरह वाकिफ हैं, लेकिन उन्होंने इस समस्या का समाधान नहीं किया। अब उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर से स्कूल में शिक्षकों के पद भरने की गुहार लगाई है। स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष कमल कुमार का कहना है कि उन्होंने शिक्षकों के पदों को भरने के लिए शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से संपर्क किया है, लेकिन समस्या का समाधान करने के बजाय डेढ़ माह पहले स्कूल से भौतिकी विषय के एक प्रवक्ता का तबादला कर दिया गया। कार्यवाहक प्रधानाचार्य राकेश कुमार ने कहा कि आसपास की चार ग्राम पंचायतों के बच्चों ने ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा में दाखिला लिया है। शिक्षा विभाग ने पांच दिसंबर को स्कूल में भौतिकी के एक प्रवक्ता की प्रतिनियुक्ति पर नियुक्ति कर दी है। उनके इसी सप्ताह से कक्षाएं लेने की संभावना है। शिक्षकों के खाली पदों के बारे में हर माह शिक्षा विभाग को सूचना दी जाती है।