- इंजीनियर युवराज मेहता की मौत का मामला, निचली अदालत से लोटस ग्रीन के दो कर्मचारियों को पहले ही मिल चुकी है जमानत
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। युवराज मेहता की मौत के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से एमजेड विजटाउन के बिल्डर निदेशक अभय कुमार की रिमांड निरस्त होने को आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी है। पुलिस इस बाबत कानूनी सलाह ले रही है। वहीं लोटस ग्रीन के कर्मचारियों रवि बंसल और सचिन करनवाल को मिली जमानत के संबंध में इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख करने की तैयारी है।
इस मामले में नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस की ओर से युवराज के पिता की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर एमजेड विजटाउन और लोटस ग्रीन बिल्डर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। घटना स्थल के पास सुरक्षा संबंधी उपाय नहीं होने के कारण नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। अकेले मामले में बिल्डर को आरोपी बनाने के कारण अब मामला कोर्ट में नहीं टिक पा रहा है। पहले लोटस ग्रीन के दो कर्मचारियों रवि बंसल और सचिन करनवाल को अदालत को निचली अदालत जमानत दे चुकी है। साथ ही इस मामले में नोएडा प्राधिकरण की लापरवाही ढूंढने संबंधी पहले ही जवाब मांगा जा चुका था। वहीं निर्मल सिंह का गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) निरस्त हो चुका है। वहीं लोटस ग्रीन के अन्य निदेशक अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। ऐसे में अब उनकी ओर से भी जल्द हाईकोर्ट का रुख किया जा सकता है। साथ ही अन्य आरोपियों को अपने ऊपर से केस खत्म होने की उम्मीद है।