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Noida News: अब टीबी के गंभीर मरीज 6 महीने में होंगे पूरी तरह स्वस्थ

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चंदौसी(संभल)। अब टीबी के गंभीर मरीजों को लंबे इलाज से राहत मिलेगी। पहले जहां एमडीआर (मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट) यानी अति गंभीर टीबी रोगी के मरीजों को ठीक होने में 12 से 18 महीने लगते थे। अब नई दवा की मदद से गंभीर टीबी रोगी सिर्फ छह महीने में स्वस्थ हो सकेंगे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार टीबी मुक्त भारत अभियान के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर नवाचार किए जा रहे हैं।भारत को वर्ष 2025 तक टीबी से पूरी तरह मुक्त करने के लिए केंद्र सरकार लगातार नए कदम उठा रही है। इसी दिशा में अब सरकार ने टीबी के गंभीर मरीजों के इलाज के लिए एक नई दवा बीपाल-एम शुरू की है। यह दवा एमडीआर टीबी (मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट टीबी) यानी ऐसे गंभीर टीबी मरीजों के लिए है, जिन पर पुरानी दवाएं असर नहीं करती थीं। पहले इन मरीजों को ठीक होने में 12 से 18 महीने लगते थे, लेकिन अब नई दवा बीपाल-एम से सिर्फ छह महीने में स्वस्थ होने की उम्मीद है।
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इधर प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत संभल जिले ने भी बड़ी सफलता हासिल की है। जिले ने पूरे प्रदेश में 10 वीं रैंक प्राप्त की है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिले में टीबी मरीजों की पहचान और इलाज के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। जिससे अच्छे परिणाम मिल रहे हैं।
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लखनऊ में बताया गया, कैसे देनी है दवा

जिला क्षय रोगी अधिकारी डॉ. संतोष गंगवार ने बताया कि इस नई दवा पर प्रदेश स्तरीय प्रशिक्षण शिविर लखनऊ में आयोजित किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश के सभी जिला क्षय रोग अधिकारी ने भाग लिया। शासन के प्रतिनिधियों ने वहां यह बताया कि टैबलेट का सेवन कैसे करना है और किस समय लेना है, ताकि मरीजों को अधिकतम लाभ मिल सके। नई पद्धति के तहत इलाज शुरू करने से पहले क्राइटेरिया तय किए जाएंगे और डोज अवधि तय की जाएगी। अब मरीजों को कई दवाएं लेने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, बल्कि केवल इस एक टैबलेट से उपचार संभव होगा।
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पहले अति गंभीर टीबी रोगियों का उपचार 18 माह तक चलता था। लेकिन अब नई दवा बीपाल-एम टैबलेट के आने से मरीजों को केवल छह माह तक दवा लेनी होगी। यह शासन की ओर से टीबी मरीजों के लिए बड़ा तोहफा है।
डॉ. संतोष कुमार, जिला क्षय रोग अधिकारी

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यह कदम प्रदेश में टीबी उन्मूलन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। बीपाल-एम टैबलेट से मरीजों का मनोबल भी बढ़ेगा और उपचार अवधि घटने से अनुपालन में सुधार होगा।
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डॉ. तरुण पाठक, सीएमओ
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