बहादुरगढ़। केंद्र व राज्य सरकार की प्रीपेड स्मार्ट मीटर स्कीम व बिजली क्षेत्र के निजीकरण के विरोध में बिजली उपभोक्ता मंच हरियाणा ने रामकिशन तथा राजबीर सिंह की अगुवाई में जनसंपर्क अभियान चलाया। इसके तहत लाइनपार रेलवे पार्क में बिजली उपभोक्ताओं की एक विचार-गोष्ठी हुई। इसकी अध्यक्षता राजकुमार सैनी ने की।
विचार गोष्ठी में रामकिशन, राजबीर सिंह छिल्लर, लालजी, सतबीर सिंह, अतर सिंह, सतीश कुमार ने अपने विचार रखे। सभी ने कहा कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर तेज गति से चलते हैं, इनकी कीमत उपभोक्ताओं से किस्तों में वसूल की जाएगी। फोन की तरह पहले पैसे देने होंगे, कर्मचारियों की छंटनी होंगी और वे बेरोजगार हो जाएंगे।
बिजली प्राइवेट कंपनियों के हाथों में जाने से गरीब उपभोक्ताओं को मिलने वाली सभी क्रॉस सब्सिडियां खत्म हो जाएंगी और बिजली मुनाफा कमाने की चीज बन जाएगी। बिजली उपभोक्ता मंच हरियाणा के राज्य सचिव मेहर सिंह बांगड़ ने कहा कि सरकार की स्मार्ट मीटर स्कीम, निजी कंपनियों की मांग पर उन के हित साधने के लिए ही लागू की जा रही है।
यह सरकारी बिजली वितरण कंपनियों के निजीकरण की तैयारी में लिया गया पहला कदम है। बिजली उपभोक्ता मंच प्रदेश कमेटी सदस्य जयकरण मांडौठी ने कहा कि केंद्र सरकार ने 9 अक्टूबर 2025 को बिजली (संशोधन) बिल 2025 का ड्राफ्ट जारी कर दिया है और उद्योगपतियों के संगठनों से सुझाव-टिप्पणियां मांगी गई हैं। यह जनविरोधी और कारपोरेट हितैषी फैसला है।
दिल्ली सीमा पर किसान आंदोलन के निलंबन के समय 9 दिसंबर 2021 को सरकार ने यह लिखित आश्वासन दिया था कि किसानों की आशंकाओं पर एसकेएम से चर्चा किए बिना किसी विधायी प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। इस मौके पर विद्या देवी, शीला देवी, धर्मपाल, सुरेंद्र सिंह, शमशेर सिंह, सतबीर, कुलदीप शर्मा, सत्यवान, रामनिवास, रमेश कुमार, प्रकाशचंद, सुरेशचंद, रोहित, नरेंद्र, अमरजीत, कमलजीत उपस्थित रहे।