-वित्तीय जांच के लिए नई टीम ने जीबीएम बैठक के बाद गठित की टीम, दूसरे पक्ष ने आरोप को बताया बेबुनियाद
ऋषभ कौशल
नोएडा। सेक्टर-122 की नई आरडब्ल्यूए टीम ने पिछली टीम के कार्यकाल के दौरान हुईं कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए कमेटी गठित की है। वह कमेटी जल्द ही जांचकर रिपोर्ट टीम को सौंपेगी। हालांकि पुरानी टीम के अध्यक्ष ने अनियमितता के आरोप को बेबुनियाद बताया है।
सेक्टर-122 के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष शिव कुमार तिवारी ने बताया कि उन्होंने जुलाई के पहले सप्ताह के शनिवार को जीबीएम बुलाई थी। इस दौरान कुछ फर्जी बिलों से वित्तीय अनियमितताओं की आशंका पैदा हुई। शिव कुमार तिवारी ने बताया कि यह बिल पूर्व आरडब्ल्यूए की टीम के दौरान के हैं। इसके बाद जीबीएम में सभी की मांग पर इनकी जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी पूर्व टीम के कार्यकाल के दौरान हुए आय-व्यय का ब्योरा इकट्ठा करेगी, जिसके बाद जांच रिपोर्ट नई टीम को सौंपी जाएगी। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष शिव कुमार तिवारी ने बताया कि दो साल तक के आय-व्यय की जांच की जाएगी। इस समिति का गठन वीरपाल यादव की अध्यक्षता में किया गया है, जिसमें बलराम बंसल (सीए), एस.पी. आनंद, जगदीश, एस.एस. कालरा और सचिन राणा को सदस्य बनाया गया है। समिति अपनी रिपोर्ट निर्धारित समय पर जनरल बॉडी के समक्ष प्रस्तुत करेगी।
पूर्व आरडब्ल्यूए अध्यक्ष ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
पूर्व आरडब्ल्यूए अध्यक्ष डॉ. उमेश शर्मा ने इस मामले को लेकर साफ इनकार करते हुए कहा कि नई टीम की ओर से लगाए गए आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। उनके कोषाध्यक्ष ने पूरी समर्पित भावना और निष्पक्षता से काम किया है। बता दें, इसी जनवरी में ही नई आरडब्ल्यूए टीम के लिए चुनाव संपन्न हुए थे। इसके बाद नई टीम के अध्यक्ष के रूप में शिव कुमार तिवारी और महासचिव नितिन चौहान की टीम ने काम काज संभाला। पूर्व अध्यक्ष का कहना है कि वह बायलॉज के अनुसार, लगातार अध्यक्ष पद पर नहीं रह सकते हैं, इसीलिए उन्होंने अध्यक्ष पद छोड़ा था। बैठक में आरडब्ल्यूए के संरक्षक और सलाहकार समिति का भी गठन किया गया। पूर्व न्यायमूर्ति सखाराम यादव को संरक्षक बनाया गया, जबकि सलाहकार समिति में रश्मि, वीरपाल यादव, रतन नागर और एस.पी. आनंद को शामिल किया गया।