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Noida News: सीबीआई जांच में प्राधिकरण के जीएम समेत तीन अधिकारियों का आया नाम

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- यादव सिंह से जुड़े विद्युत यांत्रिक केस के मामले में शासन ने नोएडा प्राधिकरण से तीनों अधिकारियों के खिलाफ आरोप पत्र मांगे
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- प्राधिकरण में एक साल तक दबाई गई जांच और नहीं भेजे गए आरोप पत्र, शासन से जवाब मांगे जाने पर मचा हड़कंप

माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। तीनों प्राधिकरण के पूर्व इंजीनियर इन चीफ यादव सिंह प्रकरण से जुड़े अंडरग्राउंड केबलिंग केस में सीबीआई की जांच में नोएडा प्राधिकरण के तीन अधिकारियों का नाम आया है। इनमें प्राधिकरण के विद्युत यांत्रिक और जल विभाग के प्रभारी महाप्रबंधक आरपी सिंह, यूपीसीडा कानपुर में तैनात वरिष्ठ प्रबंधक निजामुद्दीन और यमुना प्राधिकरण में तैनात प्रबंधक प्रमोद का नाम शामिल है। सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कुछ अधिकारियों के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई के लिए कहा था। इनमें तीनों अधिकारियों के नाम शामिल थे। पहले यह कार्रवाई शासन स्तर पर लंबित रही। मामले में शासन ने प्राधिकरण को पत्र भेजा। करीब एक साल तक प्राधिकरण में वार्ता और परीक्षण के नाम पर मामले को टकराया गया। अब शासन ने इस टालमटोल रवैये पर जवाब मांग लिया है। इसके बाद आनन-फानन में जांच अधिकारी नियुक्त कर आरोप पत्र तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
मामले में ओएसडी अशोक शर्मा को जांच अधिकारी बनाया गया है। तकनीकी जानकारी के लिए विद्युत यांत्रिक के वरिष्ठ प्रबंधक व एक अन्य इंजीनियर को भी जांच अधिकारी का सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। वर्ष 2020 में अंडरग्राउंड केबलिंग प्रकरण में अपने चहेती कंपनियों को टेंडर देकर लाभ कमाने के मामले में यादव सिंह समेत 20 अन्य अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट जारी हुई थी। मामले में सीबीआई ने कुछ नामों पर शासन स्तर से कार्रवाई किए जाने की रिपोर्ट दी थी। इसमें उस समय प्राधिकरण के विद्युत यांत्रिक विभाग में अलग-अलग पदों पर तैनात तीनों इंजीनियर के नाम शामिल हैं।
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यह विभागीय जांच और कार्रवाई एक साल पहले ही पूरी हो जानी थी लेकिन प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। इस बीच डीजीएम से जीएम के पद पर आरपी सिंह का प्रमोशन हो गया है। प्रमोशन के बाद भी आरपी सिंह को औद्योगिक विकास विभाग नोएडा में ही तैनात रहे।
एफआईआर के लिए शिकायत देकर चर्चा में आए थे

केबल घोटले से जुड़े प्रकरण में सेक्टर-39 थाने में जीएम आरपी सिंह जो उस समय प्रबंधक थे उन्होंने ही यादव सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की शिकायत प्राधिकरण की तरफ से दी थी। उस समय यादव सिंह बड़ा नाम था और चर्चित प्रकरण था। ऐसे में शिकायतकर्ता के तौर पर आरपी सिंह का नाम भी चर्चा में आया था। आर पी सिंह सीबीआई जांच में गवाह भी बने। जांच में नाम आने को लेकर उनका कहना है कि यह एक प्रक्रिया है। वह भी उस वक्त सर्कल-2 में तैनात थे।



पद पर बने रहेंगे जीएम, अधीनस्थ बने हैं जांच अधिकारी के सहयोगी

विद्युत यांत्रिक और जल विभाग के प्रभारी जीएम आरपी सिंह के खिलाफ आरोप पत्र तैयार करने को जांच अधिकारी के सहयोग में विद्युत यांत्रिक के दो इंजीनियरों को लगाया गया है। वरिष्ठ प्रबंधक और प्रबंधक स्तर के इन इंजीनियरों की रिपोर्टिंग आर पी सिंह को है। परियोजना की छोटी से छोटी मंजूरी व निर्देश आर पी सिंह के स्तर से ही इनको दिए जाते हैं। इस दौरान ये विद्युत यांत्रिक विभाग में जीएम आर पी सिंह के निर्देशों के पालन में काम भी करते रहेंगे। जीएम के खिलाफ आरोप पत्र तैयार करने को लेकर प्राधिकरण के विद्युत यांत्रिक विभाग में जांच होगी। इस दौरान वह विभाग के प्रभारी बने रहेंगे। अब तक नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने यह तय किया है। प्राधिकरण के सीईओ कृष्ण करुणेश का कहना है कि शासन को अगर लगता है कि कोई अधिकारी जांच को प्रभावित कर सकता है तो उसे पद से हटाने के निर्देश होते हैं। शासन को जीएम की नोएडा प्राधिकरण में तैनाती की जानकारी है। इसको लेकर कोई निर्देश भी नहीं दिए गए हैं।
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शासन के निर्देश पर ओएसडी को जांच अधिकारी बनाया गया है, सहयोग के लिए विद्युत यांत्रिक विभाग के इंजीनियरों को जांच अधिकारी के साथ लगाया गया है। जीएम आरपी सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक निजामुद्दीन व प्रबंधक प्रमोद के खिलाफ आरोप पत्र जांच पूरी होने के साथ भेजे जाएंगे। - वंदना त्रिपाठी, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, नोएडा प्राधिकरण
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