कोषागार का पेंशन घोटाला-सभी ने घोटाला अवधि में क्रय किए दोपहिया-चारपहिया वाहन
-वाहनों के जब्तीकरण की तैयारी में एसआईटी
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। कोषागार में हुए पेंशन घोटाले की रकम से बिचौलियों ने खूब मौज उड़ाई। पेंशनरों से गठजोड़ कर न सिर्फ सरकारी रकम हड़पी, बल्कि उन्होंने बाइकें और कारें भी खरीदीं। इस घोटाले में दबोचे गए छह में से तीन बिचौलियों के बाइक और कार लेने की जानकारी एसआईटी को जांच में मिली है। अब एसआईटी इन वाहनों के जब्तीकरण की तैयारी में है। अन्य बिचौलियों की चल-अचल संपत्तियां खंगाली जा रही हैं।
इस मामले में वरिष्ठ कोषागार अधिकारी रमेश सिंह की तहरीर पर चार कोषागार के अधिकारी-कर्मचारी व 93 पेंशनरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में एसआईटी ने घोटाले की जांच की शुरू की तो विवेचना में छह बिचौलियों के नाम भी सामने आए, इनमें गौरेंद्र शिवहरे, दीपक पांडेय, मिथिलेश उर्फ भोला, ओम प्रकाश, रणविजय सिंह, अमृतलाल उर्फ पंचू शामिल हैं। एसआईटी ने सभी से पूछताछ कर सलाखों के पीछे भेजा। पेंशनरों व बिचौलियों एवं कोषागार विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों से घोटाले की रकम वसूलने के लिए प्रशासन शिकंजा कसे है। पर रकम बढ़ नहीं रही है। ऐसे में चितिंत जिला प्रशासन ने इनकी चल-अचल संपत्तियों की जांच के आदेश दिए थे। ऐसे में अब सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों, बिचौलियों की संपत्तियां की फेहरिश्त तैयार करने में जुटी है। इन्हीं कवायद में एसआईटी को तीन बिचौलियों के बाइकें और कारें खरीदने के सुबूत मिले हैं। इनमें बिचौलिया ओम प्रकाश, मिथिलेश उर्फ भोला व दीपक पांडेय हैं, जिन्होंने घोटाला अवधि में एक-एक बाइक व कार क्रय की हैं। इनके अलावा अन्य बिचौलियों की संपत्तियों को एसआईटी खंगालने में जुटी हैं। जिन बिचौलियों द्वारा बाइक व कार क्रय करने की जानकारी मिली हैं, उन वाहनों को जब्त किया जाएगा।
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यह है मामला
कोषागार में 43.13 करोड़ का घोटाला पकड़ा गया है। इस घोटाले को बिचौलियों ने पेंशनरों व कोषागारअधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत से अंजाम दिया। विभागीय ऑडिट में भी पेंशन भुगतान में अनियमितता होने की आशंका जाहिर की थी। इसी बीच पेंशन बंद होने पर कुछ पेंशनरों ने वरिष्ठ कोषागार अधिकारी से शिकायत की थी मगर सुनवाई न होने पर पेंशनरों ने पुलिस को तहरीर दी। शिकायत पर पुलिस ने जांच की तो पेंशन में 43.13 करोड़ से ज्यादा रकम का घोटाला खुलकर सामने आ गया।