गाजियाबाद। हरनंदीपुरम आवासीय योजना के लिए जमीन की दरें तय कर दी गई हैं। शनिवार को जिलाधिकारी दीपक मीणा की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट में आयोजित बैठक में सर्किल रेट से चार गुना अधिक दाम पर जमीन खरीदने का निर्णय किया गया है। एक अप्रैल से जमीन की खरीद प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
पहले चरण में दिल्ली-मेरठ रोड के पांच गांव मथुरापुर, नगला फिरोजपुर, शमशेर, चंपत नगर और भनेड़ा खुर्द की 336 हेक्टयेर जमीन खरीदी जाएगी। जमीन खरीदने के लिए शासन से 400 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। योजना के लिए चिन्हित अन्य गांवों में जमीन दूसरे चरण में ली जाएगी।
2004 के बाद आ रही जीडीए की इस 501 हेक्टेयर की योजना का प्रस्ताव अक्तूबर 2024 में तैयार हुआ था। योजना पर दस हजार करोड़ खर्च किए जाने हैं। जीडीए काॅलोनी विकसित कर प्राधिकरण एक समय सीमा निर्धारित करते हुए आपसी सहमति से बैनामा करा जमीन लेगा। अगर समय सीमा में जमीन नहीं मिल पाती है, तो अधिग्रहण किया जाएगा।
भूखंड आवंटित किए जाएंगे
हिंडन नदी का ही एक नाम हरनंदी भी है। इसी के नाम पर यह योजना लाई गई है। इसमें सड़क, जल आपूर्ति, सीवरेज, पार्क, कम्युनिटी सेंटर सुविधा मिलेगी। मकान निर्माण के लिए बेहतर वातावरण और सुव्यवस्थित आवासीय कॉलोनियों का निर्माण किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत क्रय की गई जमीन पर व्यावसायिक केंद्रों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य सेवाओं और मनोरंजन स्थलों के विकास की भी योजना बनाई गई है। हरनंदीपुरम में लोगों को भूखंड आवंटित किए जाएंगे।
-बयान-
18 सितंबर 2024 को जनपद के सर्किल रेट का पुनरीक्षण किया गया था। नए सर्किल रेट से चार गुना तक रेट किसानों को दिया जाएगा -दीपक मीणा, डीएम
किसानों ने विकसित भूखंड दिए जाने की मांग की है। किसानों को छह फीसदी विकसित भूखंड दिए जाने का प्रस्ताव अगली बोर्ड बैठक में रखा जाएगा - अतुल वत्स, उपाध्यक्ष, जीडीए