- निवासी बोले-1992 में हुआ था आवंटन, तब से अब तक नहीं बनी चहारदीवारी, सामुदायिक भवन को बेहतर बनवाने की मांग
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर बीटा-1 में चारों तरफ चहारदीवारी नहीं होने से निवासियों की सुरक्षा को खतरा बना रहता है। सेक्टरवासी करीब 15 वर्षों से चहारदीवारी बनाने की गुहार लगा रहे हैं। आरोप है कि बार-बार गुहार के बावजूद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी सुनने को तैयार नहीं हैं। निवासियों के मुताबिक सेक्टर में सीवर का गंदा पानी लोगों के घरों के बाहर बहता रहता है जिससे बीमारियों के फैलने का खतरा बना रहता है।
रविवार को आयोजित अमर उजाला संवाद के दौरान निवासियों ने ऐसे ही तमाम मुद्दे उठाए। निवासियों ने बताया कि सेक्टर में 11 पार्क हैं लेकिन पार्कों में बच्चों के खेलने की व्यवस्था चरमरा गई है। कई बार जिम्मेदारों से पार्क को बेहतर बनाने की मांग की गई लेकिन कुछ भी नहीं बदला। निवासियों के मुताबिक अन्य सेक्टरों में झूले से लेकर ओपन जिम की व्यवस्था की गई है लेकिन बीटा-1 के पार्क इन सुविधाओं से भी अछूते हैं।
उन्होंने बताया कि सामुदायिक भवन के सौंदर्यीकरण की कई बार मांग की गई जिससे निवासी सामुदायिक भवन में ही सभी शुभ काम कर सके। सामुदायिक भवन में एसी लगाए जाने चाहिए। पानी की लाइन गल जाने के कारण आए दिन लीकेज की समस्या उत्पन्न हो रही है।
पेड़ों की छटाई सही से होनी चाहिए
निवासियों ने बताया कि पेड़ों की छटाई सही ढंग से नहीं की जा रही है। उन्होंने बताया कि पेड़ लंबे हो गए हैं जिन्हें लंबाई में ऊपर से काटा जाना चाहिए। कई बार तेज हवा में पेड़ गिर चुके हैं जिससे काफी नुकसान हो जाता है। सेक्टर के चारों ओर सर्विस रोड टूट चुकी है जिसकी मरम्मत नहीं कराई जा रही है। अन्य सेक्टरों की तरह यहां भी फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) बनाया जाना चाहिए।
सीवर की समस्या का समाधान जरूरी है। लोगों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। - अजय कुमार त्यागी
हर सेक्टर में चहारदीवारी है, लेकिन बीटा-1 में नहीं। सुरक्षा के लिए यह जरूरी है। - हरेंद्र भाटी
कई बार प्राधिकरण के अधिकारियों को पत्र दिए लेकिन समाधान नहीं हो पाया। - संगीता शर्मा
पानी की लाइन गल गई है। आए दिन लीकेज की समस्या उत्पन्न हो जाती है। - इंदिरा देवी
सेक्टर के बाहर एफओबी बनाया जाना चाहिए, जिससे सड़क पार करने में सुविधा हो। - रामवीर सिंह
पार्कों में बच्चों के लिए झूले और ओपन जिम भी लगवाए जाने चाहिए। - डॉ. शीतला प्रसाद