-13 दिसंबर को ट्रायल कोर्ट ने राजद नेता के खिलाफ भ्रष्टाचार संबंधी धाराओं में तय किए थे आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने कथित आईआरसीटीसी घोटाला मामले में निचली अदालत द्वारा तय किए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। इस मामले में लालू यादव के अलावा उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव भी आरोपी हैं। याचिका पर सोमवार, पांच जनवरी को न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच में सुनवाई होगी।
यह मामला 2004 से 2009 के बीच का है। उस समय लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। सीबीआई का आरोप है कि इस दौरान आईआरसीटीसी के रांची और पुरी स्थित दो होटलों के रखरखाव और संचालन के ठेके एक निजी कंपनी सुजाता होटल्स को अनियमित तरीके से दिए गए। बदले में लालू यादव के परिवार से जुड़ी कंपनी को करोड़ों रुपये की कीमत वाली प्रमुख जमीनें बहुत कम दाम पर हस्तांतरित की गईं। जांच एजेंसी ने इसे रिश्वतखोरी और आपराधिक साजिश का मामला बताया है। पिछले साल 13 अक्टूबर को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष जज विशाल गोगने ने लालू प्रसाद यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार, आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के आरोप तय किए थे। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि प्रथम दृष्टया सबूतों से पता चलता है कि लालू यादव ने टेंडर प्रक्रिया में हस्तक्षेप किया और इससे सार्वजनिक खजाने को भारी नुकसान हुआ। राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव पर भी आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए।