गाजियाबाद। शासन से पीएनजी का प्रयोग कर रहे उद्यमों को वैट पर छूट देने से इनकार कर दिया गया है। इस निर्णय के बाद से उद्यमों में उत्पादों का उत्पादन पीएनजी से करने वाले गाजियाबाद के एक हजार उद्यमियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। अब तक पीएनजी पर राज्यकर विभाग की ओर से पांच फीसदी का वैट लगाया जा रहा है। जोकि अब बढ़ने के बाद 10 फीसदी लगाया जाएगा।
आयुक्त राज्यकर विभाग की ओर से गत 29 सितंबर को जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि सीएनजी से भिन्न गैसों जैसे पीएनजी का प्रयोग कर रही इकाइयों के लिए फार्म डी आवश्यक है। वर्तमान में इस पर पांच फीसदी का रिबेट दिया जा रहा है। लेकिन इस आदेश के बाद से यह वैट 10 फीसदी का लागू हो जाएगा। गाजियाबाद में नोएडा स्थित गैस कंपनी आइजीएल से पीएनजी की आपूर्ति की जाती है। यह करीब एक हजार इकाइयों को अलग-अलग क्षेत्रों में आपूर्ति की जाती है। शासन से आए आदेश के बाद इकाइयों में पीएनजी का प्रयोग कर रहे उद्यमियों में चिंताएं बढ़ गई हैं। उद्यमियों का कहना है कि यह आदेश बिना किसी आधार के जारी कर दिया गया है। इससे गाजियाबाद के करीब एक हजार ईकाई संचालकों कर का नुकसान भुगतना पड़ेगा।
जीएसटी में शामिल होने की थी उम्मीद, लेकिन मिला कुछ और
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के महासचिव प्रदीप गुप्ता ने कहा कि वैट हटाकर इसे जीएसटी की श्रेणी में लाने का इंतजार उद्यमी कर रहे थे। लेकिन इस निर्णय से गाजियाबाद के करीब एक हजार उद्यमियों को नुकसान पहुंचेगा।
कौन निवेशक अब निवेश का सोच पाएगा
ऑल इंडिया मैन्यूफैक्चरर्स ऑर्गनाइजेशन के बृजेश अग्रवाल ने कहा कि यह निर्णय उद्यमियों के हित के विपरीत लिया गया है। इसको वापस लेने के लिए मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाएंगे। ऐसे तो कोई निवेश ही नहीं कर पाएगा। कहा कि वर्तमान में मेरी ही ईकाई में प्रतिदिन करीब 75 हजार रुपये की पीएनजी प्रयोग की जा रही है।