संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। रिश्वत कांड में गिरफ्तार एडीजीपी वाई पूरण कुमार के सुरक्षाकर्मी सुशील कुमार के लक्ष्मी नगर में किराये पर लिए घर पर सात दिन से ताला लगा है। यहां आठ अक्तूबर से पड़ोसियों ने सुशील की पत्नी व बच्चे को नहीं देखा। ऐसा माना जा रहा है कि सुशील के पत्नी व बच्चे कहीं और चले गए हैं। इस बारे में पड़ोसियों को कुछ खबर नहीं है।
कॉलोनी में सुशील ने आटा चक्की वाली गली में एक मकान क प्रथम तल किराये पर ले रखा है। यहां सुशील के साथ पत्नी व तीन बच्चों (एक बेटा व दो बेटी) रहते थे, जो आठ अक्तूबर से घर पर नहीं दिख रहे। पड़ोसियों ने बतया कि सात अक्तूबर की रात में एक कार आई थी, जिसमें सुशील के पत्नी व बच्चे जाते देखे थे। इसके बाद वह अभी तक घर पर नहीं दिखे।
पड़ोसियों का कहना है कि इस मकान में सुशील का परिवार करीब एक साल पहले शिफ्ट हुआ था। इससे पहले परिवार पड़ोस में स्थित किरयाना स्टोर वाले मकान में करीब एक साल किराये पर रहा। इस तरह लक्ष्मी नगर में सुशील करीब दो साल से रह रहा है। इससे पहले सुशील व उसका परिवार जगाधरी वर्कशॉप के रामनगर में रहता था।
जीआरपी से रिटायर्ड कर्मी ने बताया कि सुशील जीआरपी में भी रह चुका है, तब वह जगाधरी वर्कशॉप में रामनगर के पास रेलवे कॉलोनी में क्वार्टर में रहता था। सुशील के पड़ोसियों ने बताया कि सुशील के बच्चे तो दिख जाते हैं, पर सुशील को उन्होंने घर पर कभी कभार ही देखा है। उससे न ज्यादा बात हो पाई और न मुलाकात, इसलिए सुशील के बारे में ज्यादा जानकारी नही। इतना जरूर पता है कि उसकी ड्यूटी शहर से बाहर पुलिस या सिक्योरिटी में रहती थी।
ये है मामला
शराब ठेकेदार प्रवीण बंसल की शिकायत पर रोहतक के अर्बन एस्टेट थाने में एडीजीपी वाई पूरण कुमार के सुरक्षाकर्मी सुशील कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत में प्रवीण बंसल ने सुशील पर ढाई लाख रुपये मंथली मांगने के आरोप लगाए गए हैं। साथ ही सुशील की एक ऑडियो क्लिप भी पुलिस को सौंपी। पुलिस ने सुशील कुमार को मंगलवार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।