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Noida News: राइस मिलों में हुए धान घोटाले का मुख्यालय ने तलब किया रिकॉर्ड

Sat, 22 Nov 2025 01:25 AM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
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धान की बोरियों की गिनती करती टीम। आर्काइव
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। एक ही मालिक की सात राइस मिलों में धान घोटाला सामने आने के बाद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निदेशक ने जिला कार्यालय से रिकॉर्ड तलब किया है। रिकॉर्ड मांगे जाने के बाद डीएफएससी कार्यालय के अधिकारियों की परेशानी बढ़ गई है। क्योंकि तीन इंस्पेक्टरों समेत दो डिलिंग हेड व एक एसओ के बारे में पहले ही डाटा मांगा जा चुका है।
इस घोटाले में विभाग के कर्मचारी व अधिकारी भी फंसते दिख रहे हैं। क्योंकि मंडियों से कौन से राइस मिलर को कितना धान कुटाई के लिए देना है यह इंस्पेक्टर ही तय करते हैं। जितने धान का गबन हुआ है वह मंडियों में खरीदा गया भी या नहीं, इसका जवाब अभी तक पुलिस नहीं दे पाई है। ऐसे में आढ़ती, राइस मिलर और डीएफएससी कार्यालय के इंस्पेक्टरों की भूमिका संदिग्ध लग रही है।
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विभाग के निदेशक अंशज सिंह ने 13 नवंबर को अनाज मंडियों में धान घोटाले का खुलासा किया था। 12 नवंबर तक प्रतापनगर मंडी में 1,26,049 मीट्रिक टन, छछरौली मंडी में 83,361 एमटी व रणजीतपुर मंडी में 52,170 एमटी धान खरीदा जा चुका था। प्रतापनगर मंडी में धान खरीद का जिम्मा विभाग के इंस्पेक्टर विनोद कुमार, छछरौली मंडी में इंस्पेक्टर सविता व रणजीतपुर मंडी में इंस्पेक्टर मनोज यादव का था।
इन्हीं के समय में मंडियों से धान खरीद से लेकर उठान के गेट पास काटे गए। मंडियों में धान खरीदा भी गया या फिर फर्जी गेट पास काटे गए इसके लिए पुलिस तीनों इंस्पेक्टरों से भी पूछताछ करेगी। जल्द ही पुलिस तीनों को पूछताछ में शामिल होने के लिए नोटिस जारी कर सकती है। निदेशक ने जो रिकॉर्ड मांगा है उसमें तीनों इंस्पेक्टर के समय में हुई धान खरीद, उठान, कितने गेट पास कटे, कौन-कौन से राइस मिलरों को धान दिया गया इसकी जानकारी मांगी गई है।
धान गबन के आरोपी संदीप सिंगला व उनकी पार्टनर रितिका सिंगला के नाम पर सात राइस मिल हैं। इनमें से प्रतापनगर स्थित चार राइस मिल तो एक ही परिसर में स्थित हैं। संदीप सिंगला की प्रॉपर्टी को अटैच करने के लिए डीएफएससी जतिन मित्तल ने डीसी को पत्र लिख दिया है। डीसी के आदेशानुसार अब राजस्व विभाग पति-पत्नी के नाम संपत्ति की जांच करेगा। संपत्ति का रिकॉर्ड मिलने के बाद ही प्रॉपर्टी को अटैच करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस जमीन को बेच कर विभाग धान की कीमत रिकवर करेगा।
राइस मिलों में सत्यापन का काम 50 फीसदी पूरा

निदेशक की ओर से जिले की अन्य राइस मिलों में भी भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। जिले में कुल 182 राइस मिल हैं। इनमें रखा धान पूरा है या नहीं इसकी जांच की जा रही है। अभी तक 50 प्रतिशत मिलों की फिजिकल वेरिफिकेशन पूरी हो चुकी है। इस दौरान कई मिलों में धान कम मिला है। इसके पीछे राइस मिलरों ने तर्क दिया है कि उन्होंने धान की कुटाई कर दी है। इसलिए धान की मात्रा कम है। कितने धान की कुटाई की गई और कितना चावल मिलों में है इसकी जांच की जा रही है।
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अनाज मंडियों में खरीदे गए धान में से कितना कौन सी राइस मिल को देना होता है, इसका निर्णय विभाग के इंस्पेक्टर ही तय करते हैं। मुख्यालय से जो रिकॉर्ड मांगा गया है उसे तैयार किया जा रहा है। वहीं, संदीप सिंगला व रितिका सिंगला की प्रॉपर्टी को अटैच करने के लिए डीसी को पत्र लिख दिया है। अन्य राइस मिलों की वेरिफिकेशन करवाई जा रही है। - जतिन मित्तल, डीएफएससी, यमुनानगर।
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