21jjrp06- श्रद्धालुओं को संबोधित करते पंडित पवन कौशिक। स्रोत-मंदिर समिति
- फोटो : samvad
झज्जर। सिद्ध श्री 1008 बाबा कांशीगिरि जी महाराज मंदिर के पंडित पवन कौशिक ने कहा कि दीपावली के दिन भगवान श्री राम, माता सीता और भ्राता लक्ष्मण के साथ चौदह वर्ष का वनवास पूर्ण कर अयोध्या लौटे थे। धार्मिक ग्रंथों में वर्णित है कि समुद्र मंथन के समय चौदह रत्नों में से एक देवी लक्ष्मी प्रकट हुई। उसी दिन को लक्ष्मी जी का प्रकाट्य दिवस माना जाता है।
जिन परिवारों में दान सेवा और परोपकार की भावना होती है, मां लक्ष्मी की वहां विशेष कृपा रहती है। दान करने वाला हाथ कभी खाली नहीं रहता। दीपावली के पावन पर्व पर मंदिर बाबा कांशीगिरि में गणेश-लक्ष्मी की स्तुति कर सर्व मंगल की कामना की। मंदिर समिति के प्रधान नरेंद्र मदान ने कहा कि त्योहार हमें हमारी परंपराओं से जोड़ते है। त्योहार वही जो हर इंसान के जीवन में खुशियां और मिठास भर दे।