कुरुक्षेत्र। डिजिटल माध्यम से पूरी दुनिया में गीता का वैश्विक संदेश पहुंचेगा, इसके लिए आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय गीता सम्मेलन में 16 देशों के 25 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि सहभागिता करेंगे। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने वीरवार को 10वें अंतरराष्ट्रीय गीता सम्मेलन की आधिकारिक वेबसाइट का शुभारंभ किया।
उन्होंने कहा कि देश-विदेश से ऑनलाइन माध्यम से भी विद्वतजन इस सम्मेलन का हिस्सा होंगे। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता ग्रंथ नैतिक कर्म, आध्यात्मिक विकास एवं सामंजस्यपूर्ण जीवन जीने का मार्ग प्रशस्त करता है। वहीं विश्व में गीता का ज्ञान कर्तव्य-चेतना, आंतरिक शांति और सामूहिक सद्भाव के ढांचे को भी दृढ़ करता है। गीता के मूल संदेश स्वधर्म, कर्तव्यनिष्ठा, शांति और सद्भाव को डिजिटल युग के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा।
गीता के सार्वभौमिक और शाश्वत संदेश को विश्व पटल पर स्थापित करने के उद्देश्य से गीतोक्त स्वधर्मः कर्तव्यनिष्ठा, शान्ति और सद्भावना की प्रेरणा विषय पर 24 से 26 नवंबर को आयोजित होने वाले 10वें अंतरराष्ट्रीय गीता सम्मेलन की तैयारियों को गति देते हुए कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने आधिकारिक वेबसाइट https://gitaconferencekurukshetra.in का शुभारंभ किया।
गीता सेमिनार के निदेशक प्रो. तेजेंद्र शर्मा ने बताया कि इस वेबसाइट का उद्देश्य सम्मेलन से संबंधित सभी जानकारियों को एक ही मंच पर सुलभ कराना है। वेबसाइट पर सम्मेलन की थीम, अनुसंधान पत्र आमंत्रण, पंजीकरण प्रक्रिया, सत्रों की रूपरेखा, कार्यक्रम-सारिणी, मुख्य वक्ताओं की जानकारी और आयोजन से जुड़ी सभी नवीनतम सूचनाएं उपलब्ध रहेंगी। साथ ही वेबसाइट के माध्यम से देश-विदेश से विद्वान और प्रतिभागी ऑनलाइन पंजीकरण कर सकेंगे और अपने शोध पत्र अपलोड कर पाएंगे।
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल ने गीता जयंती महोत्सव को लोकप्रिय बनाने के लिए अहम सुझाव दिए। लोक संपर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि इस वर्ष सम्मेलन का मुख्य विषय श्रीमद्भगवद् गीतोक्त स्वधर्मः कर्तव्यनिष्ठा, शांति और सद्भावना की प्रेरणा रखा गया है। यह सम्मेलन गीता के दार्शनिक, नैतिक और सामाजिक आयामों पर गहन विमर्श का एक अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करेगा।