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रिकवरी वैन से दिल्ली ले जाकर चोरी के वाहन काटने वाले गिरोह का पर्दाफाश

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पकड़े गए बदमाश। - फोटो : Grnoida
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ग्रेटर नोएडा। बीटा-2 थाना पुलिस ने वाहन चोरी करने के बाद दिल्ली में काटकर पार्ट्स बिक्री करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने अल्फा कॉमर्शियल बेल्ट के पास से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर नजफगढ़ से भारी मात्रा में पार्ट्स बरामद किए हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान बुलंदशहर निवासी यासीन, गढ़मुक्तेश्वर निवासी नजरूल हसन, आजमगढ़ निवासी लाल बहादुर और पश्चिम विहार दिल्ली निवासी हरदीप सिंह ओबरॉय के रूप में हुई है। गिरोह का सरगना बरौला नोएडा निवासी दुष्यंत चौहान समेत आस मोहम्मद और संजय फरार हैं। आरोपी वाहन चोरी कर नोएडा के सेक्टर-122 सर्फाबाद गैराज में खड़ी कर देते थे। वाहन के 15 वर्ष पुराने होने के फर्जी कागजात तैयार कर और नंबर प्लेट बदलकर रिकवरी वैन की मदद से उन्हें दिल्ली के नजफगढ़ स्थित गोदाम में पहुंचा दिया जाता था। जहां उन्हें काटकर अलग-अलग हिस्से को मायापुरी व अन्य स्थानों पर बेचा जाता है।
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डीसीपी अमित कुमार, एडीसीपी विशाल पांडेय ने बताया कि बीटा-2 थाना क्षेत्र से लगातार वाहन चोरी के मामले सामने आ रहे थे। इसके चलते बीटा-2 थाना प्रभारी अनिल राजपूत को निर्देश दिए गए थे। मामले में जांच के बाद थाना पुलिस ने गिरोह का पर्दाफाश कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह का सरगना दुष्यंत चौहान फरार है। वह थाना सेक्टर-49 से वाहन चोरी में जेल जा चुका है। दुष्यंत, नजरूल के साथ मिलकर सेंट्रो और होंडा सिटी कार चोरी करता था। आरोपी वाहनों को यासीन के सेक्टर-122 सरफाबाद स्थित स्माइल गैरेज में खड़ी करते थे। गैरेज में दनकौर निवासी आस मोहम्मद रहता था जिसकी पहचान हरदीप सिंह ओबरॉय से थी। वह फोन से गाड़ी का सौदा करता था। हरदीप फर्जी नंबर प्लेट (जो ऑनलाइन चेक करने पर सही पाई जाती हैं) लगाकर रिकवरी वैन (क्रेन) से चालक लाल बहादुर को भेजता था। वहीं दुष्यंत दिल्ली निवासी संजय से कार के 15 वर्ष से पुरानी होने का आरसी बनाकर देता था। जिससे रास्ते में पुलिस की चेकिंग दिखाया जाता था। लाल बहादुर कार को ले जाकर नजफगढ़ क्षेत्र के गांव बापरौला में हरदीप सिंह ओबेराय के गोदाम में कटवा देता था।
50 से अधिक वाहन चोरी का खुलासा
पुलिस के मुताबिक आरोपियों से पूछताछ में सिर्फ बीटा-2 थाने में दर्ज 25 वाहन चोरियों का खुलासा हुआ है। वहीं आरोपी सूरजपुर, बिसरख, सेक्टर 49,सेक्टर 58, दादरी आदि क्षेत्र से भी आरोपी अब तक 50 वाहन चोरी कर चुके हैं। आरोपी ट्यूबलेस टॉयर में पंचर लगाने वाले टीनुमा औजार से कार का लॉक तोड़ते थे।
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सीएनजी कार पर रहती थी नजर, 25 हजार में बेचते थे
हरदीप एक कार 25 हजार रुपये में खरीदता था। जिसे काटकर उसके पार्ट्स मायापुरी दिल्ली की मार्केट में अलग-अलग दुकानदारों को बेचता था। आरोपियों की नजर सीएनजी फिटेड कार पर रहती थी। पुलिस पूछताछ में उन्होंने बताया कि सीएनजी किट और सिलिंडर के अलग से पैसे मिलते थे।
आरोपियों के पास से बरामद सामान
आरोपियों के कब्जे से 2.80 लाख नकदी, एक तमंचा, एक कार, 6 नंबर प्लेट स्टीकर, दो टी लॉक तोड़ने के, 7 आरसी, चार ड्राइविंग लाइसेंस, 1 वोटर कार्ड, 1 आधार कार्ड, 2 शपथ पत्र कार विक्रेता, पांच नंबर प्लेट, 7 चेसिस नंबर कटे हुए, 5 सीएनजी सिलिंडर, 9 कार बैट्री, 20 चेसिस कटे हुए, 4 इंजन कटे हुए, 10 फ्रंट शौकर, 20 एक्सल, 08 स्टीयरिंग मय एसेंबली, 5 अल्टीनेटर, 05 कंप्रेशर, 7 एसीएम, 18 फ्रंट-बैक लाइट, 8 बैक लाइट, 4 टंकी पेट्रोल वाली, 6 धुरे, 12 खिड़की कार की, 5 डिग्गी, 1 बोनट, 2 छत कार की कटी हुई, एक क्रेन, गाड़ी काटने में प्रयुक्त गैस कटर व अन्य औजार बरामद किए हैं।

आरोपियों से बरामद रिकवरी वैन व कार के पार्ट्स। संवाद- फोटो : Grnoida

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