गोंडा। शिक्षा विभाग में वर्षों से चल रहा संबद्धता का खेल अब खत्म होने की कगार पर है। शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) डॉ. महेंद्र देव ने संयुक्त शिक्षा निदेशक देवीपाटन मंडल को पत्र भेजकर उन शिक्षकों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जो विद्यालयों से हटकर डीआईओएस कार्यालय या डायट में संबद्ध होकर काम कर रहे हैं।
जिले के कई शिक्षकों ने अपने प्रभाव के चलते वर्षों से विद्यालयों की जगह कार्यालयों में डेरा जमा रखा है। ऐसे शिक्षक न तो नियमित रूप से कक्षाएं ले रहे हैं और न ही विद्यालयों में शैक्षिक कार्यों में योगदान दे रहे हैं। अब शिक्षा निदेशक ने ऐसे शिक्षकों की सूची मांगी है ताकि संबद्धता को समाप्त कर उन्हें मूल विद्यालय में भेजा जा सके।
डीआईओएस डॉ. रामचंद्र ने बताया कि कार्यालय में चपरासी की कमी है। दो चपरासी को संबद्ध रखने की अनुमति निदेशक से मांगी गई है। अन्य सभी बाबुओं को मूल तैनाती स्तर पर जाने का निर्देश दिया गया है। कार्यालय में संबद्ध सभी बाबू व शिक्षकों को हटाया जाएगा।
एडी बेसिक/डायट प्राचार्य रामसागर पति त्रिपाठी ने बताया कि कार्यालय में पद सृजित न होने के कारण कर्मियों को संबद्ध करना पड़ा है। महानिदेशक को पत्र लिखकर स्थायी व्यवस्था होने पर पूर्व की भांति व्यवस्था संचालित करने का अनुरोध किया गया है।