जेवर के कंपोजिट विद्यालय में 100 बच्चों पर उपलब्ध एक शिक्षक, पांच कमरों में जमीन पर बैठने को मजबूर 300 बच्चे
पीयूष गौतम
यमुना सिटी। जेवर के सांवलिया मोहल्ले में स्थित कंपोजिट विद्यालय दो में फैली अव्यवस्थाओं के कारण छात्रों के भविष्य पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। छात्रों को मजबूरन जमीन पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। परिसर में फैली गंदगी और शिक्षकों की कमी ने छात्रों के भविष्य पर ग्रहण लगा दिया है।
हालात इतने बदतर हैं कि पहली से लेकर आठवीं कक्षा तक के लगभग 300 छात्रों को केवल पांच कमरों में ही बैठाया जा रहा है। कमरों और बेंच की कमी के कारण, बच्चों को जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। चिलचिलाती गर्मी में कमरे से बाहर बैठे छात्रों के लिए एक पंखा भी नहीं लगा है। छात्र पसीने में तरबतर हो रहे हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने
विधानसभा में दिए भाषण में कहा था कि स्कूलों में 22 बच्चों पर एक शिक्षक उपलब्ध होना चाहिए। लेकिन यहां ये दावे फेल होते नजर आ रहे हैं। यह स्थिति शिक्षा की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़ी कर रही है। वहीं मामले को लेकर स्कूल के प्रधानाचार्य, एबीएसए और बीएसए को कॉल की गई लेकिन किसी ने नहीं उठाया।
अब तक ध्वस्त नहीं हुआ जर्जर भवन
विद्यालय परिसर में एक पुराना जर्जर भवन अभी तक खड़ा है, जिसे ध्वस्त नहीं किया गया है। यह भवन किसी भी वक्त गिर सकता है, जिससे किसी बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। शिक्षा विभाग की लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण है, जो बच्चों की सुरक्षा को ताक पर रख रही है।