आग लगने के समय डंपिंग ग्राउंड जमा था सात लाख मीट्रिक टन कूड़ा
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-145 में प्राधिकरण के अस्थायी डंपिंग ग्राउंड में लगी आग कैसे लगी इसका पता अब तक नहीं चल सका है। इस जांच अभी चल रही है। रविवार से अब तक आग पर पूरी तरह से काबू भी नहीं पाया जा सका है।
आग लगने के समय डंपिंग ग्राउंड पर लगभग सात लाख मीट्रिक टन कूड़ा था। काफी दिनों से डंपिंग ग्राउंड में काम भी नहीं हो रहा था। जिस कंपनी को टेंडर दिया गया था, वह तीन महीने तक काम पर नहीं पहुंची।
डंपिंग ग्राउंड में लगी आग ने प्राधिकरण की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कार्यदायी संस्था अल्फा थर्म कंपनी इस बीच गायब रही तो कोई पहल क्याें नहीं की गई, इसकी भी अधिकारी जांच कर रहे हैं। कूड़ा निस्तारण का काम आगे नहीं बढ़ा, जिस वजह से डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा बढ़ता ही चला गया। अब भी आग को पूरी तरह शांत नहीं कराया जा सका है। डंपिंग ग्राउंड अब भी सुलग रहा है।
आग शरारती तत्वों ने लगाई या फिर इसके पीछे किसी का लाभ था, इसकी भी जांच अधिकारी कर रहे हैं। आशंका यह भी जताई जा रही है कि कूड़ा निस्तारण में आने वाली लागत से बचने के लिए भी ऐसा किया जा सकता है।
कोट
काफी दिनों से धुआं उठ रहा है। हवा चलने के साथ धुआं सोसाइटी तक पहुंचता है। -हरीष शर्मा, गुलशन बोर्निया, सेक्टर-144
अधिकारियों को लगातार इस संबंध में शिकायत की गई, लेकिन प्राधिकरण की ओर से कार्रवाई नहीं की गई। -सुधांशु निराला, सेक्टर-144
दूरी होने के बाद भी धुआं सोसाइटी तक पहुंचता है। ऐसी स्थिति न बने इसका इंतजाम करना चाहिए। -भूपेंद्र मास्टर, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, सेक्टर-151
डंपिंग ग्राउंड में आग लगने से खराब हालात है। निवासियों को काफी परेशानी होती है। -अजय कुमार वैष्कियार, जनरल सेक्रेटरी, सेक्टर-151
डंपिंग ग्राउंड में लगी आग के मामले में जांच की जा रही है। हर पहलुओं से इसकी जांच कराई जा रही है।
-क्रांति शेखर सिंह, ओएसडी, नोएडा प्राधिकरण।