अमर उजाला संवादफोटो
- ग्रेनो वेस्ट की रेडीकॉन वेदांतम सोसाइटी का मामला
-मूलभूत सुविधाओं का नितांत अभाव, निवासी परेशान
-आरोप, मेंटेनेंस देने के बाद भी नहीं मिल रही सुविधा
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। वर्ष 2010 में प्रोजेक्ट लाॅन्च हुआ। 2010-11 को लोगों ने प्रोजेक्ट में फ्लैट बुक किए। तब से 14 साल बीत जाने के बाद भी अब तक निवासियों की रजिस्ट्री नहीं हो पाई है। सोसाइटी में जिम,क्लब हाउस, स्विमिंग पूल जैसी मूलभूत सुविधा तक नहीं है। इन्हीं मुद्दों को रविवार को अमर उजाला संवाद में ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित रेडीकॉन वेदांतम सोसाइटी के निवासियों ने उठाया।
उन्होंने बताया कि कई साल से वह केवल अपने हक के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं,लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। बिल्डर का किसी को पता नहीं। अब तक कितने बिल्डर बदल गए कोई नहीं जानता। रजिस्ट्री का पूछने पर बताया जाता है कि उन्हें कुछ पता नहीं है। निवासियों ने बताया कि 19वीं मंजिल तक लोगों को सीढ़ियों से जाना पड़ता है। सोसाइटी में लिफ्ट आए दिन खराब रहती है। लिफ्ट में कोई भी सुरक्षा के मानक नहीं है। सीसीटीवी कोई काम नहीं करते। सोसाइटी की सुरक्षा से लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है। कभी भी कोई भी सोसाइटी के फ्लैट में आ जाता है। मेंटेनेंस के नाम पर वसूली हो रही है। सुविधा नहीं मिलने के बाद भी लोगों से मेंटेनेंस बिजली के मीटर से काट लिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि लावारिस कुत्तों के आतंक से लोग परेशान है। हर दिन कोई न कोई इन लावारिस कुत्तों का शिकार बन जाता है। कभी पानी आएगा तो अन्य सुविधा बंद कर दी जाएंगी। रजिस्ट्री नहीं होने पर जब लोग अपना फ्लैट बेच कर जा रहे है तो उन्हें ट्रांसफर चार्ज के बोझ में दबना पड़ रहा है। एक फ्लैट मालिक को एक से दो लाख रुपये अतिरिक्त देना पड़ रहा है। निवासी परेशान हो चुके है। उन्हें अपनी ही कमाई से खरीदे हुए फ्लैट का मालिकाना हक नहीं मिल पा रहा है।
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2011 में फ्लैट बुक किया। अब तक रजिस्ट्री नहीं शुरू हो पाई है। बिल्डर कहां है किसी को पता ही नहीं है।
- आलोक कुमार मिश्रा
-सोसाइटी में कोई भी सुविधा नहीं है। जिम, क्लब हाउस, स्विमिंग पूल जैसी सुविधा अब तक नहीं मिली।
अन्नू खान
-सोसाइटी में सुरक्षा भगवान के भरोसे है। कोई कुछ कदम ही नहीं उठा रहा।
- अलका थपरियाल
-लावारिस कुत्तों के आतंक से लोग परेशान हो चुके है। सोसायटी में सीसीटीवी कैमरे तक नहीं है।
- पुष्पा सिंह
-लिफ्ट की सुविधा के नाम पर लोगों को परेशान किया जा रहा है। 19वीं मंजिल तक निवासियों को सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ता है।
- रजत भटनागर
हर रात 12 बजे मेंटेनेंस काट लिया जाता है,लेकिन सुविधाएं कुछ नहीं मिल रहीं।
- अनुराग श्रीवास्तव