बीएसआईपी ने मनाया अपना स्थापना दिवस
लखनऊ। आज से 4200 वर्ष पुराने मेघालय युग की घटना की वजह से प्रतिकूल जलवायु परिस्थितियां पैदा हुईं। इसकी वजह से हड़प्पा जैसी सभ्यता खत्म हुई। ये बातें नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडीज बंगलूरू के निदेशक पद्मश्री डॉ. शैलेश नायक ने कहीं। मौका था बुधवार को बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान के 79वें स्थापना दिवस के कार्यक्रम का।
इसमें बताैर मुख्य अतिथि डॉ. शैलेश ने चावल की खेती की उत्पत्ति का पता लगाने में बीएसआईपी के योगदान को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। बीएसआईपी के निदेशक प्रो. महेश जी. ठक्कर ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम के अंतिम चरणों में विश्व-प्रसिद्ध पुराविज्ञान संस्थान की स्थापना में प्रो. साहनी के उल्लेखनीय योगदान को याद किया। कार्यक्रम में उन्नत लिथियम बैटरियों के निर्माण में अग्रणी विजन मेक्ट्रोनिक्स प्रा. लि. की संस्थापक डॉ. राशि गुप्ता ने भी अपनी बात रखी। इस माैके पर डाॅ. शिल्पा पांडेय, डॉ. पूनम वर्मा, डॉ. स्वाति त्रिपाठी, डॉ. नीलम दास आदि माैजूद रहे।