गाजियाबाद। कैंसर की एक्सपायरी दवाओं से लोगों की जान से खिलवाड़ करने वाले नेटवर्क के बारे में जानकारी करने के लिए औषधि विभाग दूसरे राज्यों के संबंधित विभागों से मदद लेगा। संबंधित विभागों को पत्र लिखकर 2022 के केस के संबंध में भी जानकारी मांगी जाएगी। साल 2022 में कैंसर की नकली दवा के चक्कर में महाराष्ट्र में एक मरीज की मौत हो गई थी। साथ ही कई अन्य राज्यों में भी लोगों की सेहत को नुकसान पहुंचा था। इस मामले में भी विश्वास त्यागी का नाम सामने आया था।
औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्र ने बताया कि कैंसर की दवाओं की तस्करी के मामले में विश्वास त्यागी का नाम सामने आने के बाद महाराष्ट्र, बिहार, दिल्ली समेत कई औषधि विभाग को पत्र लिखकर 150 फर्मों के बारे में जानकारी मांगी जा रही है। वर्तमान में इनकी क्या स्थिति है, इस बारे में भी जानकारी की जा रही है। अंदेशा है कि विश्वास अपने पुराने साथियों की मदद से इस बार भी कैंसर की एक्सपायर दवाओं की सप्लाई कर रहा है। क्राइम ब्रांच और औषधि विभाग की टीम ने 22 नवंबर को 19 लाख रुपये कीमत की कैंसर दवाओं के साथ विश्वास त्यागी, आकाश शर्मा और प्रिंस को गिरफ्तार किया था। इस मामले में लखनऊ से भी रिपोर्ट मांगी गई थी। जानकारी के अनुसार अब प्रदेश स्तर की एजेंसियां भी इस मामले की जानकारी जुटा रही हैं।
-प्रश्नपत्र पर ही फर्म के चलने का अंदेशा-
जानकारी के अनुसार इस मामले में फर्जी बिल तैयार करने वाली कंपनी केयरहुड का ऑफिस छापे के दौरान बंद मिला है। साथ ही दिल्ली की कंपनियों पर कई दिन से ताला लगा होने की भी जानकारी मिली है। पुलिस को अंदेशा है कि बोगस फर्म की मदद से नेटवर्क को चलाया जा रहा है। औषधि निरीक्षक ने बताया कि कैंसर की दवाओं की तस्करी से जुड़ी फर्म के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। अब तक जिन कंपनियों का नाम सामने आया है, उनके ऑफिस बंद मिले हैं। कंपनियों के मालिकों के बारे में जानकारी की जा रही है।