मुठभेड़ में घायल रामवीर को उपचार के लिए लेकर जाती पुलिस। स्रोत: पुलिस
- फोटो : मुठभेड़ में घायल रामवीर को उपचार के लिए लेकर जाती पुलिस। स्रोत: पुलिस
फिरोजाबाद। ईको कार लूटने के लिए औरैया के चालक सलमान के अपहरण और निर्मम हत्या के सनसनीखेज मामले में फरार चल रहे दूसरे 15 हजार के इनामी अपराधी को शुक्रवार देर रात थाना दक्षिण पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की घेराबंदी में रामवीर उर्फ वीरा के पैर में गोली लगी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित द्वारा 15 हजार रुपये का इनाम घोषित अपराधी रामवीर उर्फ वीरा निवासी हरदोई, सैफई, इटावा की शुक्रवार देर शाम फिरोजाबाद आने की सूचना थाना दक्षिण पुलिस इंस्पेक्टर योगेंद्र पाल सिंह को मिली। उनकी टीम ने तत्काल लालऊ रोड पर बड़ी बाउंड्री के पास घेराबंदी की। खुद को घिरा देखकर रामवीर ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में रामवीर के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से एक तमंचा, दो खोखा कारतूस और दो कारतूस बरामद हुए हैं।
सलमान का था सिरसागंज में मिला अधजला शव
पुलिस पूछताछ में रामवीर ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए है। उसने बताया कि 9 नवंबर की दोपहर सिरसागंज थाना क्षेत्र में हैवतपुर गांव के पास नेशनल हाईवे-2 की सर्विस रोड किनारे मिला अज्ञात अधजला शव ईको चालक सलमान (22) का ही था। रामवीर ने कबूल किया कि उन्होंने हत्या के बाद सलमान के शव को वहां ले जाकर ईको से ईंधन निकालकर जला दिया था, ताकि मृतक की शिनाख्त न हो सके। रामवीर अपहरण से लेकर हत्या तक की पूरी वारदात में शामिल था। बता दें कि 12 नवंबर को औरैया जिले के मोहल्ला भटपुरा निवासी वाजिद अली ने थाना दक्षिण में अपने 22 वर्षीय बेटे सलमान के लापता होने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। सलमान 7 नवंबर को अपनी ईको गाड़ी में सवारी लेकर फिरोजाबाद आया था। थाना दक्षिण इंस्पेक्टर योगेंद्र पाल सिंह और उनकी टीम की जांच में पता चला कि मुख्य साजिशकर्ता मनीष निवासी निलोई, इटावा, जो फिरोजाबाद में रहता था। उसने ईको लूटने के लिए अपने साले अभिषेक निवासी हरदोई, सैफई, इटावा, राजकुमार निवासी सहपऊ, हाथरस और रामवीर के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। राजकुमार को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। रामवीर को आज (शनिवार) कोर्ट में पेश किया जाएगा। मनीष और अभिषेक अभी भी फरार हैं।