- बिसाहड़ा गांव की घटना में सरकार ने केस वापस लेने की दी है अर्जी
- सितंबर, 2015 की घटना, अगली सुनवाई में दोनों पक्षों को सुनाया जाएगा
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिला न्यायालय की कोर्ट में बृहस्पतिवार को बिसाहड़ा के अखलाक हत्याकांड पर सुनवाई नहीं हुई। मामले में लगातार दूसरी बार सुनवाई की तारीख बढ़ा दी गई है। अब 23 दिसंबर को अगली सुनवाई होगी। उस दिन कोर्ट दोनों पक्षों को सुनेगी। सरकार की तरफ से कोर्ट में केस वापस लेने की अर्जी लगाई गई है। जिसके बाद से मामला फिर से चर्चा में आ गया है।
28 सितंबर 2015 की रात जारचा थाना क्षेत्र के बिसाहड़ा गांव में प्रतिबंधित पशु के मांस का सेवन की अफवाह पर भीड़ ने गांव में अखलाक के घर पर हमला कर दिया था। अखलाक की पीटकर हत्या कर दी गई थी। जबकि बेटा दानिश घायल हो गया था। अखलाक की पत्नी ने 10 लोगों के खिलाफ नामजद केस दर्ज कराया था। बाद में 16 और लोगों के नाम जोड़े गए। पुलिस की विवेचना में 18 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। 10 साल से कोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही है। अब प्रदेश सरकार ने राज्यपाल की अनुमति के बाद केस वापस लेने का फैसला लिया। मामले में संयुक्त निदेशक अभियोजन ने सितंबर 2025 में जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) गौतमबुद्धनगर को केस वापस लेने के निर्देश दिए। अक्तूबर में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी-एक) की अदालत में केस वापस लेने की अर्जी दाखिल की गई। उसके बाद से दो तारीख लग चुकी है लेकिन अभियोजन पक्ष अगली तारीख ले चुका है।
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नवीन कुमार