जिला अस्पताल में टीका लगाती स्वास्थ्य कर्मी।
नोएडा। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन की आहट से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। भले ही जिले में अब तक नए वैरिएंट का रोगी नहीं मिला हो पर आशंकाओं को देखते हुए तैयारियां तेज हो चुकी हैं। विभाग ने ऑक्सीजन की उपलब्धता और दवाओं के इंतजाम को लेकर भी सक्रियता बढ़ा दी है। जिले में जिन अस्पतालों के पास ऑक्सीजन प्लांट हैं, उन्हें आपात स्थिति से निपटने के लिए सतर्क रहने निर्देश दिया गया है। कोरोना की दूसरी लहर के समय दवाओं एवं ऑक्सीजन की उपलब्धता कम होने से भी परेशानी का सामना करना पड़ा था। इसलिए विभाग अब पहले से ही कोरोना के इलाज में उपयोगी दवाओं का स्टॉक नियंत्रित कर रहा है। इसके लिए निगरानी समितियां बनाकर सक्रिय रहने के लिए निर्देशित किया गया है।
जरूरत अनुसार कोरोना किट भी तैयार कराई जा सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने ड्रग अथॉरिटी से भी बाजार में उपलब्ध दवाओं को लेकर अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। सीएमओ डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि विदेश से आने वाले यात्री की कोरोना जांच अवश्य की जाएगी। इसके बाद नमूने जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजे जाएंगे। विदेश से लौटे लोगों की सूची स्वास्थ्य विभाग को शासन ने सौंपी है। इसके आधार पर सैंपल लेने का काम शुरू हो गया है। स्क्रीनिंग टीम भी सक्रिय कर दी गई हैं। जिले में फिलहाल नए वैरिएंट का पता लगाने की कोई व्यवस्था नहीं है। जिले में जीनोम सिक्वेसिंग संबंधी भी इंतजाम नहीं है। शासन के निर्देशानुसार दूसरे जिलों को सैंपल भेजे जाएंगे। सैंपल भेजने एवं रिपोर्ट आने में लगने वाले लंबे वक्त से दिक्कतें बढ़ सकती हैं। वहीं, चिकित्सक लोगों को कोविड गाइडलाइन का पालन करने के निर्देश दे रहे हैं।
जिले में डेंगू के 4 और कोविड का एक रोगी मिला
जिले में बीमारियों का दौर थम नहीं रहा है। मंगलवार को डेंगू के चार और कोरोना का एक नया मरीज मिला है। दोनों बीमारियों के मरीजों की संख्या भले घटी हो, लेकिन नए केस मिलने का सिलसिला लगातार जारी है। कोरोना का एक मरीज ठीक भी हुआ। सक्रिय मरीजों की संख्या आठ है। नवंबर में करीब 30 हजार नमूनों की जांच में 40 मरीज मिले हैं। यानी हर दिन जांच का आंकड़ा करीब एक हजार रहा है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार डेंगू के मरीजों का आंकड़ा 643 पहुंच गया है। जिले में पांच सक्रिय केस हैं। जिला मलेरिया अधिकारी राजेश शर्मा ने बताया कि जिन स्थानों पर डेंगू रोगी मिल रहे हैं। वहां दवाओं का छिड़काव कराया जा रहा है। बुखार और डेंगू से संबंधित लक्षण मिलने जांच कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि जिन अस्पतालों में एलाइजा जांच की सुविधा है। वहां की रिपोर्ट की क्रास जांच नहीं कराई जाती है। रैपिड किट से पॉजिटिव मिले रोगियों की जिला अस्पताल में क्रास जांच कराई जाती है।
45 केंद्रों पर 9710 का टीकाकरण
जिले में 45 सरकारी केंद्रों पर 9710 लोगों का टीकाकरण किया गया। 3173 लोगों को पहली एवं 6537 को दूसरी डोज दी गई। जिले में संविदा कर्मियों की हड़ताल का असर भी टीकाकरण पर नजर आया। एएनएम की कमी के कारण सीमित बूथ बनाए गए। कोविड टीकाकरण कर रहीं करीब 200 एएनएम हड़ताल पर हैं। ऐसे में टीकाकरण प्रभावित होना लाजमी है। सरकारी अस्पतालों में टीकाकरण के लिए लंबी लाइन दिखी।