- 10 नवंबर से शुरू होकर 30 दिसंबर तक चलेगी केंद्र निर्धारण प्रकिया
-12 किमी की परिधि से अधिक दूरी पर नहीं बनाएं जाएंगे परीक्षा केंद्र
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षाओं के लिए केंद्र निर्धारण की नीति जारी होने के बाद जनपद में केंद्रों से सुविधाओं की जानकारी मांगी गई है। इसके साथ ही पहली बार प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए परीक्षा केंद्र पर डबल लाॅक युक्त चार अलमारियां रखी जाएंगी। अब तक तीन अलमारियां रखी जाती थी। इस बार शुरू से ही चार अलमारियों की व्यवस्था केंद्र व्यवस्थापकों को रखनी होगी। चौथी अलमारी में अतिरिक्त प्रश्नपत्र रखे जाएंगे। सीसीटीवी कैमरों से लैस विद्यालय ही परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे।
केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया 10 नवंबर से शुरू होकर 30 दिसंबर तक पूरी कर ली जाएगी। केंद्र निर्धारण के लिए इस बार कई नए मानक भी तय किए गए हैं। इसके तहत जिन विद्यालयों में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था है, उन्हें केंद्र निर्धारण में वरीयता दी जाएगी। इसके लिए 10 अंक भी तय किए गए हैं। जिन विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या अधिक है, उन्हें भी केंद्र निर्धारण में वरीयता दी जाएगी। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रधानाचार्य कक्ष से अलग दोनों तरफ सीसीटीवी कैमरों युक्त सुरक्षित स्ट्रांग रूम बनाए जाने के लिए कहा गया है।
उन्होंने बताया कि प्रवेश द्वार एवं प्रमुख स्थलों के अलावा सभी कक्षाओं के बाहर भी दोनों तरफ सीसीटीवी कैमरे लगे होने चाहिए। ये कैमरे बोर्ड एवं प्रशासन के कंट्रोल रूम से भी जुड़े होंगे। परीक्षा केंद्र 12 किमी की परिधि में होने चाहिए। वहीं राजकीय, सहायता प्राप्त अशासकीय, निजी विद्यालयों के क्रम में बनाए जाएंगे। एक केंद्र पर विद्यार्थियों की न्यूनतम संख्या 250 एवं अधिकतम 2200 होगी। विद्यालय की धारण क्षमता पर भी पहली बार अंक निश्चित किए गए हैं। धारण क्षमता 500, 750 व 1000 या उससे अधिक होने पर क्रमश: 10, 20 व 30 अंक प्रदान किए जाएंगे। विद्यालयों में प्रयोगशाला क्रियाशील होने पर भी केंद्र बनाने में वरीयता मिलेगी।
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डिबार स्कूल परीक्षा केंद्र नहीं बनाए जाएंगे
उन्होंने बताया कि पिछले सालों में डिबार किए गए केंद्र नहीं बनाएं जाएंगे। इसके साथ ही एक ही प्रबंधक व उसके परिवार द्वारा संचालित विद्यालयों में परीक्षा केंद्र नहीं बनाए जाएंगे। बालिकाओं के विद्यालय में बालकों का परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। वहीं पढ़ाई की सीसीटीवी कैमरे से निगरानी व्यवस्था होने पर 10 अंक, वर्ष 2025 में केंद्र बने होने पर 20 अंक, 2025 का हाईस्कूल का परीक्षाफल 90 प्रतिशत या ज्यादा होने पर 10 अंक, इंटरमीडिएट का परिणाम 90 प्रतिशत या ज्यादा होने पर 10 अंक, स्मार्ट क्लास संचालित होने पर 10 अंक, वर्ष 2025 की परीक्षा में जिले की टाप-10 सूची में विद्यार्थी होने पर 10 अंक, राज्य स्तर पर टाप-10 में होने पर 20 अंक निर्धारित किए गए हैं।
जिला एवं तहसील स्तरीय पर कमेटी बनेगी
जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि परीक्षा केंद्र बनाए जाने वाले विद्यालयों का भौतिक सत्यापन जिला एवं तहसील स्तर पर गठित समिति करेगी। प्रधानाचार्य निर्धारित प्रारूप में विद्यालय में जियो लोकेशन के साथ विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं का विवरण पोर्टल पर अपलोड करेंगे। इसे जिलों को भेज दिया जाएगा। इसके बाद एसडीएम की अध्यक्षता में तहसील स्तर पर गठित समिति इसका भौतिक सत्यापन करेगी। समिति में डीएम की ओर से नामित अभियंत्रण विभाग के अभियंता एवं संबंधित तहसील के तहसीलदार सदस्य होंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से अधिकृत सह जिला विद्यालय निरीक्षक या राजकीय विद्यालय के प्रधानाचार्य सदस्य सचिव होंगे। भौतिक सत्यापन में तथ्य गलत पाए जाते हैं तो विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।